देश में लंबे समय तक संकीर्ण एजेंडे में चली सरकारें : सीएम

वाराणसी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के रविवार को आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के तहत वाराणसी में प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने वाराणसी के सर्किट हाउस में विकास कार्य के साथ ही कोविड तथा बाढ़ के बाद की स्थिति की समीक्षा की। भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। शिक्षक दिवस पर डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को स्मरण किया। उनके योगदान को नमन करते हुए शिक्षकों को सम्मानित किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में 1947 से सरकारें चली आ रही हैं। इतने लंबे समय बाद भी सरकार का विकास का विजन तय नहीं हो पाता था, अपने एक संकीर्ण एजेंडे के साथ सरकारें आती-जाती थीं। एक नेतृत्व वो था, जिसने आज़ादी के तत्काल बाद सोमनाथ मंदिर के कार्य के शुभारंभ का विरोध किया था और एक नेतृत्व आज है, जो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर 5 सदी के इंतजार को दूर कर गौरव की अनुभू​ति कर रहा है। पूर्व की सरकारें संकीर्ण एजेंडे के साथ आती थीं, इसे काशी ने महसूस किया होगा। काशी एक नया उदाहरण जन्म से अंतिम यात्रा तक बनी है। यही विकास पूरे प्रदेश के विकास का आधार था। काशी में प्रवासी भारतीय दिवस पीएम के निर्देशन में मनाया गया था। प्रवासियों की इच्छा भारत में आने की होती थी, लेकिन नहीं आ पाए। यह सौभाग्य पीएम ने दिया। हमने प्रवासी नगर बनाया, टेंट सिटी बनाया था। यह सबसे शानदार प्रवासी सम्मेलन था। पूर्व में राज्य की राजधानियों में होता था। काशी में जो हुआ वह प्रयाग राज कुंभ में भी हुआ। शासन की योजनाओं से उसकी नीयत का पता चल जाता है। 

कुम्भ व प्रवासी सम्मेलन ने शासन की नीयत साफ कर दी। उतर प्रदेश ने चार वर्ष में पीएम के विजन को सार्थक किया। इसको बनाने में सभी का योगदान रहा। प्रदेश के बारे में अच्छी धारणा बनाई।सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद भारतीयता से जुड़े लोगों को हतोत्साहित किया गया। इससे इतर पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय आस्था व संस्कृति की आत्मा की पहचान वाले देश के स्थानों की पहचान को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया गया। योग दिवस व कुंभ को वैश्विक आयाम मिला। एक नेतृत्व ने सोमनाथ के निर्माण का विरोध किया तो आज अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। काशी में विश्वनाथ धाम कारिडोर बन रहा है। महात्मा गांधी ने 1916 में काशी की गंदगी का उल्लेख किया। आज काशी, नई काशी के रूप में प्रस्तुत है। मां विंध्यवासिनी धाम योजना के साथ ही मथुरा आदि में जो योजनाएं लागू हो रही हैं उससे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।


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