लबालब हुए जलापूर्ति करने वाले जलाशय


मुंबई

बरखा रानी की मेहरबानी से मुंबई को जलापूर्ति करने वाले सभी तालाब लबालब हो गए हैं। इस साल अभी तक मानसून के सक्रिय रहने का परिणाम है कि पिछले दो सालों के मुकाबले इस साल इन जलाशयों में अधिक पानी जमा हो चुका है। मुंबई को जलापूर्ति के लिए बरसात पर ही निर्भर रहना पड़ता है। बारिश कम होने पर मनपा और जनता के सामने पानी की समस्या पैदा हो जाती है। मुंबईकरों को पानी कटौती से जूझना पड़ता है। इस वर्ष देर से शुरु हुई बरसात सितंबर के आखिरी सप्ताह तक जारी है, इसलिए पानी की कोई समस्या नहीं रह गई है। सभी सात तालाबों में 99 फीसदी पानी जमा हो गया है। उल्लेखनीय है कि मुंबई में गणेशोत्सव बाद मानसून खत्म हो जाता है। लेकिन पर्यावरण में हो रहे बदलाव के कारण पिछले दो वर्ष से मानसून में काफी बदलाव हो गया है। आईएमडी के अनुसार मुंबई में अकसर 10 सितंबर तक मानसून खत्म हो जाता था लेकिन इस वर्ष मानसून खत्म होने की तारीख 25 सितंबर आंकी गई है। सितंबर में भी जोरदार बारिश हो रही है। आईएमडी के जोनल डायरेक्टर के. एस. होसालीकर ने बताया कि मुंबई सहित महाराष्ट्र में आगामी दो से तीन दिन बरसात होगी।

मुंबई को साल भर पानी की आपूर्ति के लिए तालाबों में कुल 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की जरूरत होती है। बुधवार सुबह तक सभी तालाबों में कुल 14 लाख 31 हजार 2 मिलियन लीटर पानी जमा हो गया है। जलापूर्ति करने वाले तालाबों में 2020 में 14 लाख 21 हजार 033 मिलियन लीटर पानी जमा हुआ था, जबकि 2019 में 14 लाख 12 हजार 262 मिलियन लीटर पानी जमा हुआ था।


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