पंजाब में नए 'सरदार' की ताजपोशी

सियासी बवालः रावत को जाखड़ ने दिखाया आईना     बदले-बदले से हैं कैप्टन


नई दिल्‍ली

पंजाब का पहला दलित मुख्यमंत्री बनने के बाद CM चरणजीत सिंह चन्नी अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गए। पंजाब भवन में चन्नी ने कृषि सुधार कानून का दांव खेल दिया है। चन्नी ने कहा कि पंजाब कृषि आधारित राज्य है। केंद्र सरकार कानून वापस ले। अगर किसानों पर आंच आई तो मैं गला काटकर दे दूंगा। CM बनाने के लिए पार्टी का धन्यवाद करते हुए उन्होंने राहुल गांधी को क्रांतिकारी नेता बताया। चन्नी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के काम की तारीफ की। उन्हें पंजाब के पानी का रखवाला भी कहा। चन्नी की कॉन्फ्रेंस में नवजोत सिद्धू का दबदबा दिखा। सिद्धू चन्नी के बगल में बैठे थे। उसके बाद डिप्टी CM की शपथ लेने वाले ओपी सोनी नजर आए। चन्नी जब-जब भावुक हुए तो सिद्धू कभी उनकी पीठ थपथपाते रहे तो कभी हाथ पकड़ते रहे। चन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस सिद्धू स्टाइल में ही खत्म की। अपनी बात कह दी, लेकिन किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।

चन्नी की सीएम पद पर ताजपोशी के साथ ही सियासी बवाल भी खड़ा हो गया है। दरअसल पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के लिए काफी अहम होंगे। इस बयान को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। सुनील जाखड़ ने चन्‍नी के शपथ ग्रहण वाले दिन हरीश रावत का यह बयान कि चुनाव सिद्धू के नेतृत्‍व में लड़े जाएंगे... बेहद चौंकाने वाला है। यह सीएम पद पर उनके चयन पर सवाल उठाता है। इसके साथ ही भाजपा और बसपा ने भी चन्‍नी के चयन को वोटबैंक की कवायद बता डाली। बयान पर बवाल बढ़ता देख कांग्रेस आलाकमान को खुद बीच में उतरना पड़ा। कांग्रेस ने पंजाब प्रभारी हरीश रावत के एक कथित बयान से खड़े विवाद की पृष्ठभूमि में कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री के तौर पर जबकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नवजोत सिंह सिद्धू चेहरा होंगे। अमरिंदर सिंह की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं लेकिन उम्‍मीद है कि पूर्व मुख्यमंत्री का आशीर्वाद नई सरकार को मिलता रहेगा।

कैप्‍टन ने जाहिर कर दी मंशा

गौर करने वाली बात यह भी है कि पूर्व मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चन्‍नी के शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रखी। वह इसमें शामिल नहीं हुए। यह अपने आप में संकेत है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का आशीर्वाद नई सरकार को कितना और किस तरह मिलेगा। वैसे भी कैप्‍टन अमरिंदर पहले ही नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर सवाल उठा चुके हैं। एक दिन पहले ही अमरिंदर सिंह ने सिद्धू को राष्ट्र विरोधी, खतरनाक, अस्थिर, अक्षम करार देते हुए उनको राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बता दिया था।

बसपा ने भी चन्‍नी को सीएम बनाने पर करारा हमला बोला है। अध्यक्ष मायावती ने इसे कांग्रेस का चुनावी हथकंडा करारा देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में बसपा और अकाली दल गठबंधन से कांग्रेस बहुत ज्यादा घबरायी हुई है। 

'नए सीएम महिलाओं के लिए खतरा'

पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही चरणजीत सिंह चन्नी नए विवाद में घिर गए हैं। 2018 में 'मी टू मूवमेंट' के दौरान महिला आईएएस अधिकारी को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप झेल चुके चन्नी को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने चन्नी को महिला सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।  उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई की एक महिला की अगुआई वाली पार्टी ने चन्नी को पंजाब का सीएम बनाया है। रेखा शर्मा ने कहा, ''2018 के मी टू मूवमेंट के दौरान उनके (पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी) खिलाफ आरोप लगाए गए थे। राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और अध्यक्ष उन्हें हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठीं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।'' चन्नी तब अमरिंदर सरकार में मंत्री थे।


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