कोरोना को लेकर 'सुप्रीम' सख्ती

केरल में छह सितंबर से 11वीं की परीक्षा कराने पर रोक लगाई


नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने केरल में छह सितंबर से 11वीं कक्षा की परीक्षा फिकिल तौर पर कराने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। 

राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अदालत ने यह फैसला लिया।

कोर्ट का कहना है कि कोरोना मामलों में लगातार बढ़ोत्‍तरी के कारण केरल की स्थिति चिंताजनक है। कम उम्र के बच्चों को जोखिम में नहीं डाला जा सकता, क्योंकि राज्य में हर नि करीब 35 हजार मामले सामने आ रहे हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी।

केरल देश का इकलौता राज्य है, जहां कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां एक नि में मिलने वाले नए मरीजों की संख्या 32 हजार को पार कर गई है। मौतों में महाराष्ट्र आगे है। 

यहां एक नि में सबसे ज्यादा 183 मौतें दर्ज की गई हैं। देश में करीब 46 हजार मरीज मिले और 509 मौतें दर्ज की गईं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 32,694 केस (करीब 76%) सिर्फ केरल में ही मिले, जबकि वहां 173 मौतें दर्ज की गईं।

गाइडलाइन तैयार करने में देरी

कोरोना वायरस की वजह से जान गंवाने वालों के परिवारों को डेथ सर्टिकिट जारी करने के लिए गाइडलाइन तैयार करने में देरी हुई है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई। जस्टिस एमआर शाह और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की डबल बेंच ने केंद्र को 11 सितंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

...तब तक तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी

बेंच ने कहा कि हमने बहुत समय पहले आदेश जारी किया था और एक बार समय भी बढ़ा चुके हैं। जब तक आप गाइडलाइन तैयार करेंगे, तब तक तीसरी लहर भी खत्म हो जाएगी। 30 जून को जारी आदेश में कोर्ट ने कहा था कि मौत का सही कारण कोविड-19 से हुई मृत्यु के रूप में बताना चाहिए, ताकि मृतक पर निर्भर लोगों को सक्षम बनाया जा सके। उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।


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