राज्य में स्कूल और धार्मिक स्थल खोलने का फैसला

ग्रामीण इलाकों में 5वीं से 12वीं, शहरी क्षेत्रों में 8वीं से 12वीं तक खुलेंगे स्कूल 


मुंबई

महाराष्ट्र में आगामी चार अक्टूबर से स्कूल और सात अक्टूबर से सभी धार्मिक स्थल खोलने की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंजूरी प्रदान कर दी है। ग्रामीण इलाकों में कक्षा 5वीं से 12वीं तथा शहरी इलाकों में 8वीं से 12वीं तक स्कूल शुरू होंगे। इस बात की जानकारी स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने दी। स्कूल खोलने के पहले शिक्षकों और अभिभावकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।  

बीमार बच्चों की तलाश के लिए ट्रेनिंग

वर्षा गायकवाड ने कहा कि पहले कोरोना मुक्त स्थानों पर स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया था। अब टास्क फोर्स के निर्णय के बाद ग्रामीण इलाकों में 5वीं से 12वीं और शहरी इलाकों में 8वीं से 12वीं तक स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। स्कूल खोलने के पहले बीमार बच्चों की तलाशी के लिए टास्ट फोर्स की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही अभिभावकों को क्या सावधानी रखनी है? इस बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसके पहले भी शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने की तारीख की घोषणा की थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते असर और तीसरी लहर आने की आशंका के चलते बड़े शहरों में स्कूल खोलने के फैसले को वापस ले लिया गया था।

ऐसे होंगे नियमः वर्षा गायकवाड ने स्कूल,‍ अभिभावक और छात्रों के लिए कुछ नियमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का टीकाकरण, स्कूल में हेल्थ ट्रेनिंग, स्कूलों की तरफ से रखी जाने वाली सावधानी, खेलों के नियम, बीमार छात्रों की तलाश आदि के बारे में नियम तय किए गए हैं। छात्रों को स्कूल भेजने के लिए माता-पिता की सहमति होने, छात्रों को उपस्थिति के लिए मजबूर न करना, छात्रों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना तथा एक दिन के गैप से स्कूल खोलने के बारे में नियम बनाए गए हैं। शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों को कोरोना टीके के दोनों डोज लेना जरूरी होगा और छात्रों की सभी सुरक्षा का ध्यान रखने की बात नियमावली में कही गई है।


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