निर्यातक लंबित बकाया आवेदन के लिए बढ़ी डेडलाइन


नई दिल्‍ली

वाणिज्य मंत्रालय की एक अधिसूचना के मुताबिक निर्यातक विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के तहत अपने लंबित बकाया का दावा 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन के जरिए कर सकते हैं। सरकार ने 9 सितंबर को विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के तहत निर्यातकों के लंबित कर रिफंड के लिए 56,027 करोड़ रुपए जारी करने की घोषणा की थी। निर्यातक भारत योजना (MEIS) के तहत वस्तुओं के निर्यात के लिए लंबित रिफंड का दावा कर सकते हैं। यह दावा एक जुलाई 2018 से 31 मार्च 2019 तक, एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 तक और एक अप्रैल 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक किए गए निर्यात के लिए किया जा सकता है। भारत योजना के तहत सेवाओं के निर्यात (SEIS) के तहत 2018-20 के दौरान किए गए निर्यात के लिए आवेदन किया जा सकता है। एमईआईएस, एसईआईएस, आरओएससीटीएल, आरओएसएल और 2 फीसदी अतिरिक्त एडहॉक इन्सेंटिव के तहत ऑनलाइन आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2021 अधिसूचित की गई है। हाल ही में सरकार ने निर्यातकों को राहत देते हुए RODTEP स्कीम की घोषणा की। इस स्कीम का पूरा नाम है रेमिशन ऑफ ड्यूटीज एंट टैक्सेस ऑन एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट्स। इस स्कीम को मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम से रिप्लेस किया जाएगा। फिलहाल RODTEP स्कीम के लिए 12500 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया। इसी तरह, कपड़ा निर्यातक RoSCTL (राज्य और केंद्रीय लेवी और करों की छूट) योजना के तहत 7 मार्च 2019 से 31 दिसंबर 2020 के दौरान किए गए निर्यात के लिए आवेदन दाखिल कर सकते हैं। इसमें कहा गया है कि 31 दिसंबर के बाद, कोई और आवेदन जमा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और वे समय-बाधित हो जाएंगे।


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