शरद पवार पर बरसे शिवसेना नेता

 कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपने वाले हमारे गुरु नहीं: अनंत गीते


मुंबई

पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता अनंत गीते ने कहा है कि अपनी पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपने वाले राकांपा प्रमुख शरद पवार शिवसैनिकों के लिए गुरु नहीं हो सकते, उन्होंने यह भी कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार सिर्फ एक समझौता है। इधर राकांपा की तरफ से जवाबी हमले करते हुए कहा गया कि अभी हाल की वक्त में अनंत गीते की राजनीतिक स्थिति ऐसी हो गई कि कहा भी नहीं जा रहा है और सहा भी नहीं जा रहा है। उनका बयान सूरज पर थूकने जैसा है। वहीं शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन दलों की एक व्यवस्था है और शरद पवार देश के नेता हैं।

आघाड़ी सरकार एक समझौता

श्रीवर्धन में एक जनसभा में अनंत गीते ने कहा कि शरद पवार कभी हमारे नेता नहीं हो सकते, क्योंकि यह सरकार केवल एक समझौता है। लोग पवार के लिए जितनी वाहवाही करें, लेकिन हमारे गुरु केवल (दिवंगत) बाला साहेब ठाकरे हैं। गीते ने कहा कि जब तक यह सरकार काम कर रही है, तब तक चलती रहेगी... अगर हम अलग हो गए तो हमारा घर शिवसेना है और हम हमेशा अपनी पार्टी के साथ रहेंगे। पूर्व सांसद गीते ने कहा कि शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति उनकी कोई बुरी मंशा नहीं है और वह चाहते हैं कि सरकार चले। शिवसेना नेता ने कहा कि पवार ने कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपकर अपनी पार्टी बनाई थी। यदि कांग्रेस और राकांपा एक नहीं हो सकते हैं तो शिवसेना भी पूरी तरह से कांग्रेस की नीति पर नहीं चल सकती। गीते ने 2014 के चुनावों के बाद केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया था जब शिवसेना एनडीए का हिस्सा थी। गीते 2019 के लोकसभा चुनावों में अपने राकांपा प्रतिद्वंद्वी सुनील तटकरे से मामूली अंतर से हार गए।

शरद पवार देश के नेता: राउत

इधर अनंत गीते की टिप्पणी पर संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन दलों की एक व्यवस्था है। शरद पवार देश के नेता हैं। राउत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि चाहे वह शरद पवार हों, उद्धव ठाकरे हों या कांग्रेस... सभी ने सरकार बनाई है। यह व्यवस्था पांच साल तक चलेगी और इसे पूरे महाराष्ट्र ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे शिवसेना के लिए फैसले लेते हैं। राउत ने कहा कि इस समय हम सब एक साथ हैं।

पवार के पैर छूकर जताया था आभार: तटकरे

अनंत गीते पर पलटवार करते हुए राकांपा सांसद सुनील तटकरे ने कहा कि उनकी राजनीतिक स्थिति ऐसी हो गई कि कहा भी नहीं जा रहा है और सहा भी नहीं जा रहा है। उनका बयान सूरज पर थूकने जैसा है। वे विफल हो गए हैं, ऐसे में उनके बोलने से कोई फर्क नहीं पड़ता। शरद पवार देश के नेता और राज्य में महाविकास आघाड़ी के जनक हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में चल रही सरकार की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। ऐसे में लगता है कि उन्होंने निराश होकर बयान दिया होगा। तटकरे ने कहा कि साल 2019 में उद्धव ठाकरे को महाविकास आघाड़ी के विधानमंडल दल का नेता चुनने के दौरान गीते आए थे। उस समय गीते ने झुककर पवार के पैर छूकर महाविकास आघाड़ी के गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया था।


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