टल सकते हैं महानगरपाकि चुनाव?


मुंबई 

ओबीसी के राजनीकि आरक्षण पर शुक्रवार को फिर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुई इस बैठक में इंपिकिल डेटा तैयार करने और यदि डेटा तैयार करने में वक्त लगता है तो स्थानीय किय चुनाव को कुछ समय के लिए आगे टालने पर सहमति बनी। ऐसे में मुंबई, ठाणे,वसई-विरार और नवी मुंबई सहित अन्य महापाकिओं के चुनाव आगे बढ़ सकते हैं। ओबीसी समाज के राजनीकि आरक्षण को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में सह्याद्रि गेस्ट हाऊस में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि ओबीसी को राजनीकि आरक्षण दिलाने के लिए इंपिकिल डेटा जल्द से जल्द तैयार किया जाए और डेटा एकत्रित करने का निर्देश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को दिया जाए। बैठक में यह भी सहमति बनी कि आयोग द्वारा जल्द से जल्द डेटा तैयार किया जाना चाहिए और रिपोर्ट में देरी होने पर प्रस्तावित स्थानीय किय चुनावों को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया जाना चाहिए।

चुनाव टालने की मांग

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि हमने बैठक में मांग की कि ओबीसी समाज का राजनीकि आरक्षण तत्काल लागू किया जाए और जब तक आरक्षण लागू नहीं जाता, तब तक स्थानीय किय संस्थाओं के चुनाव नहीं होने चाहिए।  

चार-पांच जिलों में आ सकती है अड़चन

फड़नवीस ने कहा कि पिछली बैठक में हमने कई मुद्दे रखे थे। इन मुद्दों पर कानून और न्याय व्यवस्था विभाग ने सकारात्मक भूकि निभाई है। राज्य पिछड़ा आयोग के माध्यम से संपूर्ण इंपिकिल डेटा एकत्र कर ट्रिपल टेस्ट की जो बात सुप्रीम कोर्ट ने कही है, उस अनुसार कार्रवाई की गई तो ओबीसी की जगह बच सकती है। तब भी चार-पांच जिलों में बड़ी अड़चन आएगी। इसमें से तीन जिलों में ओबीसी के लिए कोई जगह नहीं बचेगी, लेनि अन्य जिलों में तकरीबन पांच हजार 200 जगहें हैं, उनमें से साढ़े चार हजार जगहों को बचाया जा सकता है। यही बात कानून और न्याय व्यवस्था विभाग और मुख्य सचिव ने भी कही है।  

शुरु हो डेटा जमा करने का काम

उन्होंने कहा कि बैठक में यह तय किया गया कि राज्य पिछड़ा वर्ग को तत्काल इंपिकिल डेटा जमा करने को कहा जाए। जब तक यह काम नहीं हो जाता, तब तक चुनाव नहीं कराए जाए। नि तीन से चार जिलों में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव होगा, वहां के लिए अलग से विचार कर फिर से पहले वाली स्थिति लाने पर सरकार विचार करे। इस तरह दो-तीन मुद्दों पर हमने चर्चा की और सभी पर सहमति बनाई। बैठक में मंत्री बाला साहेब थोरात, अशोक चव्हाण, छगन भुजबल, जयंत पाटिल, एकनाथ शिंदे, विजय वडेट्टीवार, अनिल परब, विधानपरिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले आदि नेता उपस्थित थे। इसके पहले 27 अगस्त को इस मामले पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया था। ओबीसी को राजनीकि आरक्षण मिले इस विषय पर सभी दल एकमत हैं।


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