संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार तैयार

'माझा डॉक्टर' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आश्वासन 

uddhav thackeray

मुंबई 

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने और कोरोना संकट से राज्य को बाहर निकालने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में टॉस्क फ़ोर्स द्वारा 'माझा डॉक्टर' कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे ने वर्चुअल माध्यम से बड़ी संख्या में शामिल डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि  मौजूदा समय में कोरोना की स्थिति नियंत्रण है, तो फिर चर्चा क्यों। आकड़े बताते हैं कि विश्व के कई देशों ने तीसरी लहर का अनुभव किया है। अपने देश में अगर तीसरी लहर की आहट है तो ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि वह न आए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रार्थना के साथ-साथ संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों की जरूरत है। यह सम्मेलन उसी प्रयास का एक हिस्सा है। तीसरी लहर नहीं आनी चाहिए और अगर आती है तो वायरस की क्षमता को कम करने की जरूरत है।  कोरोना के खिलाफ जंग में हमें अपने सभी हथियारों को तैयार रखने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी से लड़ाई लड़ने के लिए डॉक्टर, नर्स, पुलिस, अग्निशमन सभी हमारे कोरोना योद्धा रूपी हथियार हैं। साथ ही अस्पताल की व्यवस्था, उपकरण, दवा की उपलब्धता की जरूरत होगी। ठाकरे ने कहा कि राज्य में अभी दूसरी लहर चल रही है और तीसरी लहर की संभावना जताई जा रही है।

अस्पतालों की ऑडिट की अपील 

डॉक्टर सम्मेलन में ठाकरे ने कहा कि आपका दुश्मन अभी पूरी तरह से पराजित नहीं हुआ है। इससे निपटने के लिए हम सभी को तैयार रहना होगा। स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे ऑक्सीजन, बेड, दवाएं, वेंटिलेटर और अन्य बिजली के उपकरणों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, जो लगातार उपयोग में हैं। इसी के तहत सभी अस्पतालों का ऑडिट करना बेहद आवश्यक है। 

बिना नाम लिए विपक्ष पर साधा निशाना 

राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकट ने हमें बहुत कुछ सिखाया है इसलिए हर कदम पर सावधानी रखने की जरूरत है। बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कई लोगों को जनता के जान की चिंता नहीं, बल्कि अपने राजनीति की चिंता है। वे सब कुछ खोलने की मांग कर रहे है। लेकिन हमें यह भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि जो चीजें हमने खोल दिया है वे फिर से बंद न हों। अगर सभी एक साथ खोल दिया जाए तो आप इस कोरोना संकट से कभी नहीं निकल पाएंगे। इससे कोरोना के हमेशा आपके साथ रहने की संभावना बढ़ सकती है। 

3,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन का लक्ष्य 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र की स्वास्थ्य सुविधा बेहतर हुई है, लेकिन आज भी हमारे पास ऑक्सीजन की कमी है। हमने प्रतिदिन 3,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। लेकिन इस क्षमता तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा। ऑक्सीजन उत्पादन के लिए बाहर से कुछ मशीनरी मंगाई गई है, जिसके आने में कुछ समय लगेगा। हमने स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ी वृद्धि की है। 

राज्य में 1400 मैट्रिक टन ऑक्सीजन  का उत्पादन  

सीएम ने बताया की मौजूदा समय में राज्य में 1400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। यह ऑक्सीजन इस्पात और लघु उद्योगों के लिए उपयोग किया जाता है। दवा के क्षेत्र में वैक्सीन बनाने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए उत्पाद हो रहे ऑक्सीजन का उपयोग  चिकित्सा के लिए किया जा रहा है। यानी हमने अन्य चीजों के लिए आवश्यक ऑक्सीजन को बंद कर दिया। आज भी 1400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन में से 300 से 350 मीट्रिक टन हम मरीजों के लिए उपयोग कर रहे हैं। 

कोरोना मुक्त गांव अभियान को बनाएं सफल

'मेरा गांव, मेरी जिम्मेदारी' अभियान के तहत सभी राजनीतिक दलों से कोरोना मुक्त गांव करने का आव्हान सीएम ने किया है। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत गर्व है कि इसमें महाराष्ट्र के कई गांवों ने हिस्सा लिया और अपने गांव को कोरोना से आजाद कराया। 'मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी' के साथ-साथ 'मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी' को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों को कोरोना मुक्त गांव  अभियान में शामिल होना चाहिए।


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