पंडाल में बप्पा का मुख दर्शन नहीं

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला


मुंबई

कोरोना संक्रमण की वजह से इस साल गणेशोत्सव को सादगी से मनाने का निर्णय लिया गया है। गणेशोत्सव को लेकर गृह विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार गणेश मूर्तियों के मुख दर्शन अथवा प्रत्यक्ष मंडप में जाकर दर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। दर्शन केवल ऑनलाइन अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए हो सकेंगे।  

मार्गदर्शक सूचना के अनुसार गणेश दर्शन की सुविधा ऑनलाइन, केबल नेटवर्क, वेबसाइट व फेसबुक इत्यादि के माध्यम से कराने को कहा गया है। सार्वजनिक गणेशोत्सव के लिए गणेश मंडलों को महापालिका, स्थानीय प्रशासन की नीति के अनुसार पूर्व अनुमति लेनी होगी। मंडपों को स्थानीय प्रशासन की नीति के अनुसार तैयार करना होगा। इस साल सादगी से गणेशोत्सव मनाने की अपेक्षा है, इसलिए घरेलू सहित सार्वजनिक गणेश उत्सव में सजावट के लिए फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। घरेलू मूर्तियों की ऊंचाई 2 फीट तथा सार्वजनिक मंडलों में मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट तक होनी चाहिए। संभव हो तो पारंपरिक मूर्ति की जगह धातु या संगमरमर की मूर्ति की पूजा की जाए। मिट्टी या पर्यावरण के अनुकूल मूर्तियों का विसर्जन घर पर ही किया जाए। यदि घर पर विसर्जन संभव नहीं है तो नजदीक के कृत्रिम तालाबों में विसर्जन किया जाए।

उत्सव के लिए चंदा स्वेच्छा से स्वीकार किया जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि विज्ञापनों के प्रदर्शन से भीड़ आकृष्ट न हो। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी या सामाजिक संदेश वाले विज्ञापन लगाए जाएं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जगह स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम मसलन रक्तदान शिविर को वरीयता दी जाए। ब्रेक द चेन अभियान के तहत लागू प्रतिबंध लागू रहेंगे और इसमें गणेशोत्सव निमित्त कोई छूट नहीं दी जाएगी। आरती, भजन, कीर्तन व अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते वक्त भीड़ न हो, इसका ध्यान रखा जाए। गणेश मूर्ति का आगमन और विसर्जन जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।   


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