जैविक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत : तोमर


नई दिल्ली

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि रसायनों और उर्वरकों के इस्तेमाल से भारत को खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है, लेकिन फसल के पोषक तत्वों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग को रोकने की जरूरत है। फिक्की द्वारा आयोजित 10वें कृषि रसायन सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उचित संतुलन बनाए रखने के लिए रासायनिक आधारित कृषि के साथ-साथ जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। तोमर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार पीएम-किसान और एक लाख करोड़ रुपए के कृषि बुनियादी ढांचा कोष जैसे विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को अपनी उपज के विपणन में स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए तीन नए कृषि कानून लाई है। केंद्र ने पीएम-किसान योजना के माध्यम से 11.37 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे 1.58 लाख करोड़ रुपए का हस्तांतरण किया है, जिसके तहत किसानों को तीन समान किश्तों में सालाना 6,000 रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार ने पिछले सात वर्ष में कृषि को लाभप्रद बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। सरकार युवा पीढ़ी को कृषि क्षेत्र की ओर आकर्षित करने की दिशा में भी काम कर रही है। कृषि रसायनों के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि एक प्रकार की खेती पर अधिक निर्भरता नहीं होनी चाहिए तथा जैविक और प्राकृतिक खेती सहित सभी प्रकार की खेती को बढ़ावा देकर संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया। रसायनों, उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से निश्चित तौर पर देश को अधिशेष खाद्यान्न उत्पादन करने में मदद मिली है।


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