महाविकास आघाड़ी में नॉट इज आलवेल ?

संजय राउत ने दी अजित पवार को चेतावनी


मुंबई 

शिवसेना पक्ष प्रमुख उध्दव ठाकरे के नेतृत्व में बनी राज्य में  राकांपा और कांग्रेस की महाविकास आघाड़ी सरकार में सब कुछ ठीक नहीं दिख रहा है। सत्ता स्थापित होने के बाद से लगातार तीनों पार्टियां किसी न किसी मुद्दे को लेकर एक दूसरे पर निशाना साध रही है. इसी के तहत रविवार को शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को चुनौती देते हुए कहा कि हमारी बात सुनो नहीं तो परेशानी होगी।

पुणे में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि राज्य की सत्ता शिवसेना के हाथ में है, लेकिन इस जिले का पालक मंत्री शिवसेना का नहीं है। इसलिए शिवसेना कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में हम मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। संजय राउत के इस बयान से एक बार फिर राज्य की सियासत गरमा गई है। 

गठबंधन का इंतजार न करें कार्यकर्ता 

राउत ने कार्यकर्ताओ से कहा कि मनपा चुनाव में राकांपा और कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन होगा की नहीं इसमें न पड़ें। हमें अकेले लड़ने की आदत है। चुनाव के लिए हमेँ तैयारी में लग जानी चाहिए। अगर गठबंधन होगा तो सम्मान के साथ होगा लेकिन याद रहे कि स्वाभिमान का त्याग कर आप भगवा ध्वज से कोई समझौता नहीं करेंगे। राउत ने कहा कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री शिवसेना का है। इसलिए मनपा का मेयर भी शिवसेना का ही होना चाहिए।

55 वाला मुख्यमंत्री तो 40 से 45 सीट के बाद महापौर क्यों नहीं? 

शिवसेना सांसद ने कहा कि 55 विधायक लेकर शिवसेना का मुख्यमंत्री बन सकता है तो पिंपरी-चिंचवड़ मनपा में अगर चुनाव के बाद शिवसेना के 40-45 नगरसेवक जीतकर आते हैं तो महापौर शिवसेना का ही बनेगा। इसलिए मनपा में शिवसेना का महापौर बनाने के लिए तैयारी में लग जाइए। राउत ने कहा कि दिवंगत  बालासाहेब ठाकरे का जन्म पुणे में हुआ था। यहां उन्होंने कई लोगों को जोड़ा, लेकिन पुणे और पिंपरी में शिवसेना का भगवा नहीं लहरा सका यह पार्टी और हमारे लिए दुःख की बात है।


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