आपका सिरदर्द कुछ गंभीर खतरे का संकेत तो नहीं कर रहा?


एक वक्त ऐसा भी आता है जब आपके सिर का दर्द कुछ गंभीर गड़बड़ी की तरफ संकेत कर सकता है। हालांकि, आम तौर से होनेवाला सिर दर्द सामान्य होता है। सुबर से सिर दर्द में एक कप चाय या कॉफी का असर नहीं हो रहा है? थोड़ा देर सो जाओ और सिर का दर्द खत्म। सिर दर्द के इलाज का हर शख्स इससे संबंध जोड़ता है क्योंकि इसका पालन वर्षों से किया जा रहा है। सिर दर्द के लिए पेन किलर अंतिम विकल्प है जिसका हम में से कितने लोग सहारा लेते हैं। हालांकि, ज्यादातर समय सिर दर्द का सामान्य होता है और थकान, तनाव और चिंता के कारण हो सकता है और आराम करने या गर्म ड्रिंक पीने से चला जाता है, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आता है जब आपके सिर का दर्द कुछ गंभीर संकेत कर सकता है। मुंबई में डॉक्टर पवन पाई जानने के लिए कुछ तरीके सूचीबद्ध करते हैं कि आपका सिर दर्द कुछ गंभीर होने का पता बताता है, और उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

आवाज और दृष्टि परिवर्तन के साथ सिर का दर्द

अगर आपका सिर का दर्द आवाज और दृष्टि परिवर्तन, चलने में अक्षमता, शरीर के एक तरफ पर कमजोरी के साथ है, तो ये इस्कीमिक आघात हो सकता है। ये होनेवाली सबसे आम घटना है और आम तौर पर ब्लड क्लॉट के कारण देखी जाती है जो दिमाग की रक्त वाहिका में होता है और दिमाग तक ब्लड प्रवाह रुक जाता है। क्या आप जानते हैं कि गंभीर सिर का दर्द स्ट्रोक की निशानी है।

मतली, उल्टी, प्रकाश और ध्वनि संवेदनशीलता के साथ सिर का दर्द

ये लक्षण माइग्रेन से होनेवाले सिर दर्द का संकेत कर सकते हैं, जो न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिससे सिर के एक तरफ धड़कते हुए सनसनी होती है। इसलिए, अगर आपको मतली, उल्टी और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता के हो, तब आपको फौरन डॉक्टर से माइग्रेन का इलाज के लिए मिलने की जरूरत है।

गर्दन में अकड़न या बुखार के साथ सिर का दर्द

इससे आपको इन्सेफेलाइटिस या मैनिंजाइटिस होने का संकेत मिल सकता है। इन्सेफेलाइटिस का मतलब है दिमाग में सूजन और मैनिंजाइटिस का मतलब है दिमाग के इर्द गिर्द झिल्ली का सूजन। दोनों स्थितियां जिंदगी के लिए घातक हो सकती हैं और सिर दर्द का कारण बनती हैं। ये सलाह देने योग्य है कि आप इन लक्षणों की देर तक अनदेखी न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं।

व्यवहार परिवर्तन की वजह से होनेवाला सिर दर्द

क्या आपका सिरदर्द दूसरे व्यवहार परिवर्तन जैसे याद्दाश्त, तर्क क्षमता, पढ़ने, लिखने या भावनात्मक काबू के साथ है? तब, ये ब्रेन ट्यूमर हो सकता है। इसलिए, डॉक्टर से बात करना और उचित पहचान करवा लेना जरूरी हो जाता है।


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