ऐसी लागी लगन.. भजन में हो गए मगन


मुंबई

 भजन सम्राट अनूप जलोटा की शुरुआत गजल गायक के रूप में हुई थी, लेकिन उनके भजन इतने अधिक पसंद किए गए कि गजल बहुत पीछे छूट गई और वे पूरी तरह भजन गायकी में ही मगन हो गए। मात्र 7 साल की उम्र में मंच पर प्रोग्राम पेश कर चुके अनूप जलोटा को संगीत विरासत में मिला। उनके पिता पुरुषोत्तम दास जलोटा का बहुत बड़ा नाम था। वे कहते हैं कि ऐसी लागी लगन.. को गाए हुए 40 साल हो चुके हैं, लेकिन यह भजन आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। हमारा महानगर में सदिच्छा भेंट देने आए भजन सम्राट ने न केवल महानगर टीम के सवालों के जवाब दिए, बल्कि अपना सबसे लोकप्रिय भजन ऐसी लागी लगन.... गाकर भी सुनाया। 

 ऐसे बने भजन सम्राट

अनूप जलोटा ने कहा कि मेरा पहला हिट एलबम गजल का ही था। गजल चांद अंगड़ाइयां ले रहा है, काफी पसंद की गई, लेकिन प्रभु की कुछ और ही इच्छा थी। वर्ष 1979 में उनका जुहू स्थित हरे कृष्णा मंदिर में एक कार्यक्रम था। वहां वे भजन गाकर आ गए। एक महीने बाद उनका फोन आ गया कि आपके भजनों को हम एक म्यूजिक कंपनी को दे रहे हैं। मैंने इन्हें सुना और कहा कि इसमें मंजीरा नहीं है। इसके बाद मंजीरा की आवाज डब की गई। यह सुनकर म्यूजिक कंपनी वाले कहने लगे कि हम तो डबल एलबम रिलीज करेंगे। मैंने कहा कि सिंगल बिकता नहीं, तो डबल कैसे चलेगा? लेकिन म्यूजिक कंपनी ने डबल एलबम रिलीज कर दिया तो एक इतिहास ही बन गया। ऐसी लागी लगन, मैया मोरी माखन नहीं खाया, जग में सुंदर है दो नाम जैसे भजन घर-घर तक पहुंच गए। उस वक्त से लोग मुझे भजन सम्राट कहने लगे। उस समय लोग कुछ दूसरा सुन ही नहीं रहे थे। पान वाले के यहां भी ऐसी लगन... बज रहा था। शायद वहीं ऐसी कैसेट्स थी, जो घर के सभी सदस्य सुनते थे। यह एलबम हमारे संस्कारों को लेकर आया। तो शुरुआत गजल गायक से हुई, लेकिन बाद में गजल काफी पीछे छूट गई।

हर जगह एक ही फरमाइश

अनूप जलोटा को ऐसी लागी लगन... गाए हुए तकरीबन 40 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी लोग यह भजन सुनना पसंद करते हैं। वे कहते हैं कि एक हजार लोग सुनने आते हैं, तो सभी की इच्छा यही भजन सुनने की होती है तो मैं सबसे पहले यही गा देता हूं। इसके बाद सब मुठ्ठी में आ तो हैं। इसके बाद कुछ भी गा सकते हैं।

भजन शास्त्रीय संगीत का अंग

उन्होंने कहा कि भजन शास्त्रीय संगीत का अंग है। आपने भीमसेन जोशी, पंडित जसराज को सुना है। वो राग गाने के बाद एक भजन गाते हैं। जितनी भी बंदिश या छोटे-बड़े ख्याल हैं, वे राधे-श्याम, सीता- राम पर आधारित हैं। जो नए लोग भजन के क्षेत्र में आ रहे हैं, वे शास्त्रीय संगीत नहीं सीख रहे हैं। जब वे मंदिर के पीछे क्या है... गाते हैं तो माधुरी दीक्षित की याद आती है। राग सीखने से भजन में रस आएगा। आज भी लोग 40 साल बाद ऐसी लागी लगन... सुनते हैं, क्योंकि वह किसी की नकल नहीं है वह शास्त्रीय राग है। उनका कहना है कि भक्ति संगीत का असर खत्म नहीं हो सकता है। हमारे देश में जब बच्चा पैदा होता है तो उस कमरे में भगवान कृष्ण की तस्वीर लगी रही है । पहली सांस से ही उसका जुड़ाव हो जाता है।

बिग बॉस का किस्सा

भजन सम्राट जब बिग बॉस में गए तो सोशल मीडिया पर उन्हीं के चर्चे होने लगे। वे कहते हैं कि बिग बॉस का सफर बेहद मजेदार रहा। कोई भेज दे तो फिर से बिग बॉस में जाने के लिए तैयार हैं। वे कहते हैं कि क्या किसी को भी पैड हॉलीडे मिल सकता है? अपने खर्च पर विदेश में घूमने जाता तो दो चार लाख रुपए खर्च हो जाते। मैंने तो बहुत आनंद लिया। आपने यह भी देखा होगा कि मैं वहां डेढ़ माह रहा और मेरी तरफ से कोई अभद्र व्यवहार नहीं हुआ। लोग आकर पैर छूते थे। मजे करने गए। हर तरफ एक ही चर्चा थी कि ये क्या हो रहा है। लोगों को भ्रम था कि मेरा जसलीन मथारू से अफेयर चल रहा था, लेकिन किसी ने हमें साथ देखा ही नहीं था। मैंने जसलीन को कहा था कि गुरु-शिष्य की तरह अंदर जाते हैं, लेकिन उसने कहा दिया कि मेरा अफेयर है, तो मैंने कहा कि चलो यही सही। मैं जिस दिन बिग बॉस से बाहर आया तो मां ने पूछा कि यह जसलीन कौन है? उसी दिन शाम को मैंने प्रेस कांफ्रेंस रखी और उसमें जसलीन के पिता को भी बुलाया। हमने फैसला किया कि हम दोनों मिलकर जसलीन का कन्यादान करेंगे। इसके बाद ही मामला खत्म हो गया।  

पिता से बेहद प्रभावित

अनूप जलोटा के गायन पर अपने पिता पुरुषोत्तम दास जलोटा की पूरी छाप दिखाई पड़ती है। वे कहते हैं कि पिताजी को सुनने वाले लोग कहते हैं कि अनूप तुम गाते ठीक हो, लेकिन पिताजी वाली बात नहीं है। उनके 200 से ज्यादा भजन एलबम रिलीज हो चुके हैं। 10 भाषाओं में वे गा चुके हैं। 20 से 25 फिल्मों में गा चुके हैं, कुछ में संगीत भी दिया और कुछ फिल्में भी बनाई। अभी हाल ही में वे पाताल लोक में दिखाई दिए। उनकी फिल्म सत्य साईं बाबा पार्ट टू की शूटिंग भी शुरु होने वाली है। देश विदेश में वे तकरीबन 5 हजार कार्यक्रम पेश कर चुके हैं।    

गुड न्यूज टुडे पर कार्यक्रम

उनका गुड न्यूज टुडे (जीएनटी) चैनल पर एक नया कार्यक्रम शुरु हुआ है। यह चैनल आज तक ने शुरु किया है। इसमें रेप, मर्डर की खबरें नहीं, बल्कि अच्छी-अच्छी खबरें आती हैं। सुबह सात बजे मेरा कार्यक्रम आता हूं, जिसमें में अच्छी अच्छी बातें बताता हूं। देश का माहौल नेगेटिव हो गया, उसे पॉजिटिव करना है। यह कार्यक्रम सोमवार से शुक्रवार के बीच आता है।

भाजपा से पुराना नाता

अनूप जलोटा ने कहा कि भाजपा से उनका पुराना नाता है। बचपन से ही वे संघ की शाखाओं में जाकर गीत सुनाते थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी को उन्होंने करीब से देखा है। उन्हे तीन साल के लिए प्रसार भारती बोर्ड का सदस्य भी बनाया गया। वे कहते हैं कि आगे कोई भी काम देंगे तो करेंगे। हम भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन ऑफिशियल प्रचारक नहीं है, लेकिन बड़े प्रचारक जरूर हैं।

कोशिश करके देख लें... की दिलचस्प बात

फिल्म एक दूजे के लिए के लोकप्रिय गीत प्यार तेरी पहली नजर को सलाम... की शुरुआत लाइन कोशिश कर देख ले दरिया सारी.. को अनूप जलोटा ने अपनी आवाज दी है। इस गीत के बारे में वे दिलचस्प किस्सा सुनाते हैं। वे कहते हैं कि मुझे लताजी से कुछ काम था और उनसे मिलने महबूब स्टूडियो गया था। वहीं संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल मिले। पहले उन्होंने कहा कि चाय पीकर जाना, तब तक लताजी का गाना भी खत्म हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि आप दो लाइन गा दीजिए। हमने कहा गा देंगे। तो वह दो लाइन गा दी। वो पेमेंट करने लगे तो मैंने कहा कि हम फिर कभी आकर आपसे पेमेंट लेंगे। उनका मानना है कि भजन क्षेत्र में बड़ा मेहनत का काम है।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget