बच्चों का दिमाग कैसे बढ़ाएं


बच्चों से कराएं आसान योगासन

पश्चिमोत्तानासन : इस आसन के दौरान रीढ़ की हड्डी के साथ शरीर का पिछला भाग तन जाता है जिसके कारण इसका नाम पश्चिमोत्तानासन दिया गया है। यह स्वस्थ के लिए बहुत ही ज्यादा लाभदायक आसन है। यह विभिन्य प्रकार की बिमारियों को दूर करने में मदद करता है।

सबसे पहले आप जमीन पर बैठ जाएं। अब आप दोनों पैरों को सामने फैलाएं।

पीठ की पेशियों को ढीला छोड़ दें। सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं।

फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुके।

धीरे धीरे सांस लें, फिर धीरे धीरे सांस छोड़े। और अपने हिसाब से इस अभ्यास को धारण करें।

धीरे धीरे इस की अवधि को बढ़ाते रहे। यह एक चक्र हुआ।

शशांकासन : यह तनाव और चिंता को दूर करने के लिए एक बेहतर आसन है। इससे पेट के अंगों की मसाज होती है और पाचन तंत्र बेहतर होता है।

सबसे पहले जमीन पर दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाएं।

दाहिने पैर को मोड़कर पीछे की ओर यानि हिप्स के नीचे रखें।

ठीक इसी तरह बाएं पैर को मोड़कर पीछे की ओर यानि बाएं हिप्स के नीचे रखें और बैठ जाएं।

अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर करें।

इसके बाद धीरे-धीरे सांस को बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें।

अब सांस लेते हुए सबसे पहले पेट व सीने को उठाए और हाथों को उठाते हुए पहली पोजीशन में जाएं।

इसी तरह से इस क्रिया को 4 से 5 बार करें।

पवनमुक्तासन : यह आसन शरीर में मौजूद आवश्यकता से अधिक गैस को बाहर निकालने में सहायक है। यह आपके शरीर से हानिकारक गैस को बहार निकालने में भी मदद करता है और आपको बहुत सारी बिमारियों एवं परेशानियों से बचाता है।

सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों को फैलाएं और इनके बीच की दूरी को कम करें।

अब दोनों पांव उठाएं घुटने मोड़ें। घुटनों को बांहों से घेर लें।

सांस छोड़े, घुटनों को दबाते हुए छाती की ओर लाएं। सिर उठाएं तथा घुटनों को छाती के निकट लाएं जिससे ठोड़ी घुटनों को स्पर्श करने लगे।


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