मुंबई में बढ़ रहा मानसूनी बीमारियों का संकट

सैंडहर्स्ट रोड, वर्ली, प्रभादेवी, दादर और माहिम में सर्वाधिक है डेंगू का खतरा ।  तेजी से बढ़ रहे गेस्ट्रो के मरीज


मुंबई

कोरोना की तीसरी लहर का सामना  करने के लिए मुंबई मनपा तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर मानसूनी बीमारियां भी तेजी से अपना पैर पसार रही हैं। मनपा के सामने मानसूनी बीमारियों को लेकर और परेशानी बढ़ गई है। मनपा के सामने कोरोना  के साथ-साथ मानसूनी बीमारियों पर काबू पाना बड़ी चुनौती बन गई है। मनपा 12 सितंबर तक के मानसूनी बीमारियों से संबंधित जानकारी जारी की है। जिसके अनुसार,  सितंबर महीने में डेंगू के 144 मरीज सामने आए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा मरीज सैंडहर्स्ट रोड, वर्ली, प्रभादेवी, दादर और माहिम में पाए गए हैं। इसी प्रकार मलेरिया के 848 लेप्टोस्पायरोसिस के 37,  गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 300, पीलिया के 35, एच1 एन1 फ्लू के 18 मरीज पाए गए हैं। खासकर गैस्ट्रो के मरीजों में तेजी से हो रही वृद्धि से मुंबई में मानसूनी बीमारियों का संकट बरकरार है। मनपा को कोरोना की पहली और दूसरी लहर को काबू करने में सफलता मिली है, वहीं बारिश के मौसम की रोकथाम अब मनपा स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। जुलाई से डेंगू और मलेरिया सहित मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। एक जनवरी से 21 सितंबर तक मानसूनी बीमारी के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में संक्रामक रोगों का संकट गहराता जा रहा है। इस बीच मलेरिया के लिए 4,46,077 घरों की तलाशी ली गई और 4,108 स्थानों पर डेंगू के लार्वा और मच्छरों के प्रजनन के स्थान को नष्ट किया गया। मनपा स्वास्थ्य अधिकारी मंगला गोमरे ने यह जानकारी दी।


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