सोमैया प्रकरण पर बढ़ी राजनीतिक तकरार


मुंबई

भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया को कोल्हापुर जाते वक्त सातारा जिले के कराड में रोकने की घटना को लेकर सोमवार सुबह से राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई और सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से जुबानी जंग देखने को मिली। शिवसेना ने इस घटना से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि किरीट सोमैया पर की गई कार्रवाई से मुख्यमंत्री कार्यालय का कोई संबंध नहीं है। वहीं भाजपा ने इसे तानाशाही भरा कदम बताया है।

क्या है मामला

भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने तथा रिश्तेदारों के नाम पर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया था। वे कोल्हापुर के कागल जाकर मंत्री की अनियमितता के खिलाफ शिकायत करने वाले थे। वे महालक्ष्मी एक्सप्रेस से कोल्हापुर जाने के लिए रवाना हुए थे, तभी बीच रास्ते में उन्हें सातारा जिले के कराड में रोक दिया गया। पुलिस का कहना था कि सोमैया की जान पर खतरे और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उनके कोल्हापुर जिले में प्रवेश पर रोक लगाई गई।

 सीएमओ का कोई संबंध नहीं: राऊत

शिवसेना ने इस विवाद को अपने को दूर रखते हुए कहा कि किरीट सोमैया के खिलाफ कार्रवाई में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) का कोई संबंध नहीं है। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने आरोप लगाया कि भाजपा महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है और केंद्र के इशारे पर राज्य की छवि खराब कर रही है। उन्होंने कहा कि सोमैया को कोल्हापुर में प्रवेश करने से रोकने का गृह विभाग का फैसला कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए था, उन्होंने कहा कि मैने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की और उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को निशाना बनाने की कोई जरूरत नहीं है। एक मुख्यमंत्री इस तरह के छोटे मामले में कभी शामिल नहीं होता।

घोटालेबाज कहने का अधिकार किसने दिया: मुश्रीफ  

राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि उन्हें सोमैया से एक सवाल करना है? उन्होंने एक बार शिकायत की है, उसकी जांच हो रही है फिर आप कैसे पर्यटन करने के लिए जाते हैं। जेल में भेजने, घोटालेबाज कहने का अधिकार उन्हें किसने दिया? क्या वे न्यायाधीश बन गए? आपको सुपारी दी गई, वह काम करो, शिकायत करो, जांच एजेंसियों को काम करने दो। आप बदनामी क्यों कर रहे हो? मुश्रीफ ने कहा कि यह महाविकास आघाड़ी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास है।    

फाइलों को निकालने का वक्त आ गया: पटोले

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने आरोप लगाया कि मीडिया, उद्योगपति और विपक्ष के नेताओं को बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें ब्लैकमेल करने का काम भाजपा की तरफ से शुरु है। उन्होंने कहा कि किरीट सोमैया को उनकी पार्टी कितना महत्व देती है, यह जानकारी मुझे है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि किरीट सोमैया को यदि महाराष्ट्र को भ्रष्टाचार मुक्त करना है तो उन्हें भाजपा के भ्रष्टाचारी नेताओं को खुलासा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि फड़नवीस सरकार के वक्त की फाइलों को निकालने का समय आ गया है।

यह तानाशाही है: पाटिल

यह मामला सामने आने के बाद भाजपा और सत्तापक्ष के बीच जुबानी जंग शुरु हो गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने पुणे में प्रेस कांफ्रेंस लेकर कहा कि हसन मुश्रीफ को किरीट सोमैया के आरोपों का जवाब देते हुए कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने चेतावनी कहा कि पूर्व सांसद को बीच रास्ते में रोकना तानाशाही है। इस मामले को लेकर हम अदालत जाएंगे। पाटिल ने कहा कि भाजपा की रडार पर केवल शिवसेना और राकांपा की नहीं है। हम जल्द ही कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के प्रकरण बाहर निकालेंगे। पाटिल ने दावा किया कि हसन मुश्रीफ को भाजपा में शामिल होने का कोई ऑफर नहीं दिया था।

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