पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो सकता है विकास: डॉ. हीरानंदानी


मुंबई

हीरानंदानी समूह के प्रबंध निदेशक और ऑल इंडिया रियल एस्टेट डेवलमेंट काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी का कहना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना शहरों का विकास किया जा सकता है, इसका उदहारण है, पवई में बनी सबसे बड़ी सोसाइटी हीरानंदानी गार्डन्स। जहां विकास के साथ-साथ 100 एकड़ में अलग-अलग गार्डन बनाए गए हैं। उन्होंने यह बात ‘हमारा महानगर’ कार्यालय में सदिच्छा भेंट के दौरान गुरुवार को कही। डॉ. हीरानंदानी ने बताया कि जब हमारी कंपनी ने हीरानंदानी गार्डन्स को डेवलप करने का काम शुरु किया, तब यहां मात्र 20 पेड़ थे, लेकिन आज यहां 100 एकड़ में बगीचे बनाए गए हैं। ऐसे में डेवलपर चाहे तो पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए बिल्डिंग तैयार कर सकता है। इस विषय पर सरकार को भी ध्यान देने की आवश्यकता है। हमारा महानगर कार्यालय में निरंजन हिरानंदानी का स्वागत मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष एवं बीआयएस निदेशक अमरजीत सिंह, हमारा महानगर की निदेशिका गीता सिंह, संपादक, मुद्रक, प्रकाशक अंतेश आर सिंह ने किया। इस अवसर पर क्षत्रिय इंफ्रास्ट्रक्चर के सीएमडी संजय सिंह, हीरानंदानी समूह के कार्यकारी निदेशक संजय पांडेय, बीआयएस निदेशक संजू सिंह, हमारा महानगर के कार्यकारी संपादक राघवेन्द्र नाथ द्विवेदी और संवाददाता जितेंद्र मिश्रा उपस्थित थे 

प्रतिदिन होता है 50 लाख लीटर पानी रिसाइकल

डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि मुंबई सहित कई जिलों में लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। दक्षिण भारत में चेन्नई ऐसा शहर है, जहां करीब 25 फीसदी पानी को रिसाइकल कर दूसरे काम के उपयोग में लाया जाता है। इसी तर्ज पर पूरे राज्य में हमारी कंपनी है, जो पिछले 25 साल से पानी को रिसाइकल करती है। पवई में तकरीबन 40 लाख और ठाणे में 10 लाख लीटर पानी रिसाइकल किया जाता है। रिसाइकल किए गए पानी का इस्तेमाल गार्डन और अन्य उपयोग के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर मुंबई मनपा और राज्य सरकार बारिश और अन्य पानी को रिसाइकल करना शुरू कर दे तो मुंबई वासियों को कभी पानी की कमी नहीं रहेगी और नागरिकों को 24 घंटे पानी मिलना शुरू हो जाएगा। डॉ. हीरानंदानी ने आगे कहा कि दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान, गोल मैदान सहित अन्य गार्डन में सिंचाई के लिए मनपा की तरफ से पीने के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। इन गार्डन के लिए अगर रिसाइकल पानी का उपयोग किया जाए तो यह पानी मुंबई वासियों के काम आ सकता है।

राज्य का पहला ऑक्सीजन प्लांट हीरानंदानी अस्पताल में

उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संक्रमित लोगों के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकारों और अस्पतालों से आत्मनिर्भर भारत के तहत खुद का ऑक्सीजन प्लांट लगाने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आव्हान को गंभीरता से लेते हुए पवई स्थित हीरानंदानी अस्पताल में राज्य का पहला ऑक्सीजन प्लांट शुरु किया गया। 

5500 मरीजों की बचाई जान

उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से मुंबई सहित पूरे देश की जनता कोरोना महामारी से जूझ रही है। ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर में अपनी जान को जोखिम में डालकर हीरानंदानी अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने 5500 से अधिक मरीजों का इलाज कर उन्हें स्वस्थ किया। कई ऐसे डॉक्टर थे, जो दिन-रात अस्पताल में रहकर कोरोना मरीजों का देखभाल करते थे। कई दिनों तक वे अपने घर नहीं जाते थे। हीरानंदानी अस्पताल के साथ-साथ कोरोना काल के दौरान पूरे देश के डॉक्टरों ने जो काम किया है, वह सराहनीय है, उसे कोई भूल नहीं सकता।

पांच हजार बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण

डॉ. निरंजन हीरानंदानी समाजसेवा में भी खासे सक्रिय हैं। वे 14 कॉलेज और छह स्कूलों के संचालक और ट्रस्टी हैं। उनका कहना है कि हमारी जितनी रूचि व्यापार को बढ़ाने में रहती है, उससे कहीं अधिक समाज की सेवा में रहती है। हम हर साल पांच हजार सामान्य और गरीब बच्चों को कौशल विकास योजना के तहत मुफ्त में ट्रेनिंग देने का काम करते है। इसके अलावा बाबुलनाथ मंदिर सहित कई अन्य ऐसे मंदिर है, जिनका मैं ट्रस्टी हूं, जहां जरूरत के हिसाब से मैं अपनी सेवा देता रहता हूं।  

रियल एस्टेट में आई गति

डॉ. हीरानंदानी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के कुछ नियमों में बदलाव और निर्णय लेने के कारण रियल एस्टेट के व्यापार को गति मिली है। हालांकि कोरोना की वजह से रियल एस्टेट क्षेत्र में मंदी आ गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूरे देश में एक करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया गया। इसके साथ सामान्य नागरिकों की तरफ से घरों की खरीदी पर दो लाख 67 हजार रुपए की छूट दी जाती है। रियल एस्टेट के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने स्टैंप ड्यूटी में छूट देने का निर्णय लिया है, उससे रियल एस्टेट व्यापार को भारी गति मिली है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले के कारण बिल्डरों के साथ-साथ जनता में भारी उत्साह है। कोरोना काल के दौरान मुंबई सहित देश में कई ऐसे शहर हैं, जहां बड़ी संख्या में घरों की खरीदी-बिक्री की गई। इसका कारण यह था कि लॉकडाउन के कारण परिवार के सभी सदस्यों को घर पर ही रहना पड़ा और घर में जगह कम होने के कारण मजबूरन लोगों को दूसरा घर खरीदना पड़ा, इससे कोरोना काल के दौरान रियल एस्टेट का बढ़िया व्यापार हुआ। ब्याज दरों में कमी होने से होम लोन सस्ता होने से भी घरों की बिक्री बढ़ी है।  

अन्य शहरों में भी उपस्थिति

उन्होंने कहा कि मुंबई के अलावा देश के कई शहरों में हीरानंदानी ग्रुप का काम चल रहा है। मौजूदा समय में अहमदाबाद, चेन्नई सहित अन्य राज्यों में हीरानंदानी समूह की तरफ से विकास कार्य का काम शुरू है। अहमदाबाद में प्रधानमंत्री के लिए काम  कर रही है।

अन्य व्यापार में भी दखल

डॉ निरंजन हीरानंदानी ने बताया कि हमारी कंपनी हीरानंदानी ग्रुप ने बिल्डिंग निर्माण के साथ -साथ अन्य कई काम शुरू किए हैं। मेरे बेटे दर्शन हीरानंदानी ने नवी मुंबई में एशिया का नंबर वन  डेटा सेंटर शुरू किया है, जो आने वाले समय में देश का नंबर वन डेटा सेंटर होगा। उन्होंने कहा कि दर्शन ऊर्जा से जुड़ी कंपनी के साथ -साथ योत्ता इंफ्रास्ट्रक्चर नाम कंपनी के सीईओ भी हैं। बिल्डिंग निर्माण के अलावा अन्य किसी भी कंपनियों से मेरा कुछ लेना -देना नहीं है, क्योंकि बाकी के सभी कंपनियों का संचालक दर्शन हीरानंदानी करते हैं।


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