मुंबईकरों के मन में बसी है शिवसेना: सुनील प्रभु


मुंबई के पूर्व मेयर और दिंडोशी के शिवसेना विधायक सुनील प्रभु हमेशा से ही आम जनता के बीच रहते हुए उनकी समस्याओं को लगातार उठाते और हल करते रहते हैं। 'हमारा महानगर' कार्यालय में सदिच्छा भेंट देने पहुंचे सुनील प्रभु ने दावा है कि आगामी मुंबई मनपा चुनाव में फिर से शिवसेना का भगवा लहराएगा। वे इसकी वजह भी बताते हैं। वे कहते हैं कि मुंबई मनपा पर शिवसेना का तकरीबन 25 साल से कब्जा है। इससे समझा जा सकता है कि मुंबईकरों के मन में शिवसेना बसी हुई है। आगामी मनपा चुनाव में जनता तय करेगी कि कोरोना संकट के दौरान उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने में कौन आगे रहा। शिवसैनिकों ने संकट की इस घड़ी में जाति-धर्म और प्रांत का भेदभाव न करते हुए आम लोगों की अनवरत सेवा की है। इसी के चलते हमें पूरा विश्वास है कि एक बार फिर मनपा पर शिवसेना का भगवा लहराएगा। हमारे चहेते मुख्यमंत्री और शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महामारी के दौरान पूरे राज्य को एक परिवार की तरह माना। इस संकट में सभी को साथ लेकर चलने की उनकी नीति का हर तरफ गुणगान हो रहा है। शिवसेना को इसका फायदा सभी स्थानीय निकाय चुनाव में मिलेगा। पेश है उनसे हुई लंबी बातचीत के कुछ अंश-  

कोरोना काल में मनपा की सेवा से आप कितने संतुष्ट हैं ?

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी और एक अंतर्राष्ट्रीय शहर के रूप में देखा जाता है। कोरोना काल में मनपा ने देश ही नहीं, विश्व के भी कई अंतर्राष्ट्रीय शहरों की तुलना में अच्छे स्तर की सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुंबई मनपा की सराहना पूरे विश्व की। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने मनपा की सराहना करते हुए एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी का एक उदाहरण दिया। 

कोरोना काल में मरीजों को बेड के लिए दर-दर भटकना पड़ा, इसे किस तरह से देखते हैं ?

महामारी जब पीक पर थी, तब जरूर मरीजों को बेड के लिए तकलीफ उठानी पड़ी। यह सिर्फ मुंबई ही नहीं, विश्व के कई बड़े शहरों में हुआ, जहां की स्वास्थ्य सुविधाओं हमसे हजारों गुना आगे है, लेकिन हमें किसी पर कोई उंगली नहीं उठानी। इस महामारी के बाद एक बात तो तय है कि मुंबई सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए सभी को कदम उठाने होंगे। 

क्या आपको लगता है कि स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत बनाने की जरूरत है?

दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर आने की आशंका बनी हुई है। मैं मुंबई सहित पूरे देश की सभी सरकारों से अपील करता हूं कि अब समय आ गया है कि गरीब जनता को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए अच्छी क्वालिटी के अस्पताल बनाने पर जोर दिया जाए। बड़ी संख्या में सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोले जाए, ताकि देश की गरीब जनता का भला हो सके।

मुंबई मनपा के चार मेडिकल कॉलेज हैं, क्या इसका फायदा लोगों को मिला ?

मुंबई मनपा के तीन मेडिकल कॉलेज काफी पहले से चल रहे थे, लेकिन तीनों मुंबई के शहरी इलाके में थे। उपनगर के मरीजों को भी अच्छी सुविधा मिले, इसके लिए पश्चिमी उपनगर में कूपर अस्पताल में बाला साहेब ठाकरे मेडिकल कॉलेज शुरू किया गया। पूर्वी उपनगर में भी मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेजों का ही हमें फायदा मिला कि कोरोना काल में जब प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर भी मरीजों के इलाज के लिए बाहर निकलने से घबरा रहे थे, तब हमने जंबो कोविड सेंटर बनाकर कोरोना मरीजों का अच्छा इलाज किया।

कोरोना काल में बड़ी संख्या में मजदूरों का मुंबई से पलायन हुआ, इसे कैसे देखते हैं ?

मजदूर किसी भी शहर की रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं। जिस तरह लॉकडाउन लगा और फिर लॉकडाउन बढ़ा, उससे मजदूरों की रोजी- रोटी पर बड़ा असर पड़ा। यह सत्य है, लेकिन हमारी सरकार ने एक भी मजदूर को भूखा नहीं रहने दिया। इसमें हमारे शिवसैनिकों का भी बड़ा हाथ था, जब लोग घर से बाहर निकलने में डर रहे थे, तब हमारे शिवसैनिक मजदूरों को उनके पास जाकर खाना उपलब्ध कराने का काम कर रहे थे, 

क्या इसका फायदा शिवसेना को आगामी मनपा चुनाव में भी मिलेगा ?

शिवसैनिक चुनाव के लिए सेवा नहीं करता, लेकिन हां यह जरूर कहूंगा कि इसका फल हमें मनपा चुनाव में जरूर मिलेगा, जैसे पिछले 25 सालों से अब तक मिलता रहा है। शिवसेना का मुंबई मनपा पर पिछले 25 साल से भगवा फड़क रहा है, वह आगे भी फड़कता रहेगा। 

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा, इससे मनपा कैसे निपटेगी ?

कोरोना काल में हर वर्ग को परेशानी झेलनी पड़ रही है, इससे मासूम बच्चे भी परेशान हो रहे हैं। उन्हें घरों में कैद होना पड़ा। मनपा सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, शिक्षा, सफाई जो कि मनपा का मूलभूत कामकाज है, सब में सराहनीय कार्य कर रही है। शिक्षा में सीबीएससी और आईसीएससी बोर्ड की पढ़ाई शुरू की गई, जिससे गरीब बच्चों को बड़ा फायदा हो रहा है। मनपा के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अब मनपा स्‍कूलों की ओर आ रहे हैं।

शहर में गंदगी दूर करने और सड़कों की मरम्‍मत पर किस तरह से काम हो रहा है?

शहर की स्वच्छता में मनपा कभी पीछे नहीं हटी। मुंबई एक ऐसा शहर है, जहां रोजाना छह हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा निकलता है। सफाई के साथ उसे डंपिंग ग्राउंड तक ले जाना एक बड़ा काम होता है। डंपिंग ग्राउंड की क्षमता खत्म होती जा रही है, इससे एक बड़ी समस्या पैदा हो रही थी, जिसे देखते हुए कचरे से बिजली पैदा करने का कार्यक्रम शुरू हुआ। अब छोटे छोटे स्तर पर मनपा कचरे से बिजली पैदा करने के संयंत्र स्थापित कर रही है।

आगामी मनपा चुनाव में शिवसेना का किन मुद्दों पर  फोकस रहेगा?

चुनाव तो आता जाता रहता है। शिवसेना का काम है, जनता के बीच जाकर सेवा करना। हम अपनी सेवा को आगे कर और विकास के मुद्दों पर चुनाव में उतरेंगे। हमारा पूरा विश्वास है कि जैसे जनता ने पिछले 25 साल हम पर भरोसा किया, उसी तरह इस मनपा चुनाव में भी जनता हमारा साथ देगी।


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