भुजबल के खिलाफ कोर्ट पहुंचे शिवसेना विधायक

मंत्री ने बेच दिया नियोजन समिति का फंड: कांदे


मुंबई

महाविकास आघाड़ी सरकार के घटक दल के नेताओं के बीच अक्सर तकरार चलती रहती है। ताजा विवाद खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल और शिवसेना विधायक सुहास कांदे के बीच सामने आया है। यह विवाद इतना आगे बढ़ गया कि कांदे ने भुजबल के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। उनका आरोप है कि भुजबल ने नियोजन समिति की निधि को बेच दिया है।

मीटिंग में हुई थी कहासुनी

छगन भुजबल पिछले 11 सितंबर को उत्तर महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाके के दौरे पर थे, उसी दौरान नांदगांव में सरकारी अफसरों की उपस्थिति में हो रही बैठक में आपातकालीन निधि के मसले पर भुजबल और कांदे के बीच वाद-विवाद हो गया था। इसके बाद कांदे ने आरोप लगाया कि भुजबल ने योजना समिति के फंड को बेच दिया है। वे मामले की जांच को लेकर अदालत जा पहुंचे। उनकी याचिका में प्रतिवादी के तौर पर कलेक्टर और जिला योजना अधिकारी को नामित किया गया है।  

मिल बैठकर सुलझ सकता था मसला

इस विवाद पर राकांपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि भुजबल पर लगाए गए आरोपों में कुछ तथ्य है, ऐसा नजर नहीं आता। यदि इस मामले को कांदे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास ले जाते तो इसकी पुष्टि हो जाती, लेकिन वे चूंकि मामला कोर्ट में ले गए हैं, इसलिए इस पर अधिक बात करना उचित नहीं है। वहीं राकांपा सांसद सुनील तटकरे का कहना है कि सीधे अदालत जाना उचित नहीं है। इस मामले की चर्चा राज्य स्तर पर बनी समन्वय समिति में हो सकती थी। एक साथ मिल बैठकर रास्ता निकाला जाना चाहिए।        

अहंकार छोड़ने से आघाड़ी बढ़ेगी आगे

इस मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा कि कोई भी विवाद अनसुलझा नहीं रहना चाहिए। दोनों महाविकास आघाड़ी के नेता हैं। एक दूसरे का सम्मान बनाए रखने की जरूरत है। सुहास कांदे शिवसेना से चुनकर आए हैं, उनका सम्मान बनाए रखना चाहिए। छगन भुजबल पालक मंत्री हैं और उन्हें अपने बच्चों की तरह इन विधायकों का ख्याल रखना चाहिए। अहंकार को त्यागने से ही महाविकास आघाड़ी के पहिए आगे बढ़ेंगे।


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