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सादगी के साथ हुई एक लाख 58 हजार प्रतिमाओं की विदाई


मुंबई

कोरोना के चलते इस साल अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन सादगी एवं शांति पूर्वक तरीके से किया गया। राज्य सरकार ने गणेशोत्सव में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए मुख दर्शन तक की रोक लगा दी थी। 

मुंबईकरों ने नियमों का पालन करते हुए गणेशोत्सव मनाया और बप्पा की विदाई की। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक दस दिनों के दौरान गणेशोत्सव शांति पूर्वक मनाया गया। 

सार्वजनिक स्थानों पर गणेश मूर्तियों की स्थापना में इस बार कमी आई इसके बावजूद इस साल मुंबई में एक लाख 57 हजार 229 गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई, जिनका विसर्जन पिछले दस दिनों के दौरान डेढ़ दिन से दस दिनों में किया गया। इसके अलावा 6 हजार 532 गौरी और हरतालिकाओं को मिलाकर कुल एक लाख 64 हजार 761 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

कृत्रिम तालाबों में विसर्जन

इस वर्ष कृत्रिम तालाबों में एक लाख 64 हजार 761 गणेश मूर्तियो में से 79 हजार 129  प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जबकि 85 हजार 632 प्रतिमाओं का प्राकृतिक स्थानों पर विसर्जन किया गया।

पांचवें दिन सबसे अधिक प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन

विसर्जन में सर्वाधिक 66 हजार 299 प्रतिमाओं का विसर्जन 5वें दिन 14 सितंबर को किया गया। उसके बाद गणेशोत्सव के दूसरे दिन 11 सितंबर को 48 हजार 716 गौरी, गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया है। दसवें दिन 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर 34 हजार 452  प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।

मूर्तियों पर चढ़े मालाफूल से बनेगी खाद

गणेशोत्सव में 246 विसर्जन स्थलों पर कुल दो लाख 65 हजार 279 किलोग्राम माला, फूल और दूर्वा का संग्रह किया गया है. मनपा इसका खाद बनाएगी, जिसका उपयोग बगीचों में खाद के रूप में किया जाएगा।

कम हुआ ध्वनि प्रदूषण

कोरोना से लड़ते हुए मुंबईकरों ने इस बार ध्वनि प्रदूषण को भी हराया है। अावाज फाउंडेशन की सुमेरा अब्दुल अली ने रविवार को मुंबई में हुए विसर्जन के दौरान जगह-जगह का रीडिंग लिया है। इस रीडिंग में यातायात की आवाज के अलावा और किसी भी ढोल ताशा का आवाज नहीं दर्ज किया गया है। फाउंडेशन द्वारा आवाज की रीडिंग रात को सात बजे के बाद लिया गया। जिसमें खार दांडा, वर्ली, हाजीअली, गिरगाव चौपाटी और शिवाजी पार्क का समावेश है। सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों ने भी इस बार नाशिक ढोल, ढोल ताशा, डीजे आदि के इस्तेमाल नहीं किया। विसर्जन वाले जगह पर पुलिस ने लाउड स्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया। गिरगांव चौपाटी पर पुलिस के लाउड स्पीकर की आवाज आ रही थी जहां 93.1 डेसीमल ध्वनि प्रदूषण रहा। इस दौरान यातायात का आवाज 77 से 80 डेसीमल के आसपास था।

बच्चे समुद्र में डूबे

दो बचाए गए, दो के मिले शव, एक की तलाश जारी 

अनंत चतुर्दशी पर रविवार को मुंबई में हुए गणपति विसर्जन के दौरान वर्सोवा चौपाटी पर विसर्जन के लिए गए पांच लड़के समुद्र में डूब गए। समुद्र में डूबे पांच बच्चों में से दो बच्चों को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। जबकि तीन बच्चों को ढूंढने के लिए दमकल विभाग, फ्लड रेस्क्यू टीम, लाइफ गार्ड लगे रहे।  दमकल विभाग की एक टीम रात भर नाव की सहायता से समुद्र में बच्चों को ढूंढने का काम करती रही। तीन में से एक बच्चे का शव रात में जबकि दूसरे बच्चे को शव सोमवार दोपहर को निकाला गया।  चौबीस घंटे बीत जाने के बावजूद भी एक बच्चे का पता नहीं चल पाया है।  

जानकारी के अनुसार रात साढ़े नौ बजे अंधेरी पश्चिम के वर्सोवा चौपाटी पर पाटिल गली घाट के पास विसर्जन के दौरान पांच बच्चे डूब गए. मृतकों की पहचान शूराम रंजनलाल निर्मल और संजय हीरामन तावड़े के रूप में हुई। जबकि विजय रोहिदास म्हात्रे और शिवम रंजन लाल निर्मल को बचा लिया गया था. दोनों का इलाज अस्पताल में हो रहा है। पुलिस ने कहा कि वर्सोवा चौपाटी पर विसर्जन पर प्रतिबंध था, लेकिन कुछ स्थानीय लोग विसर्जन के लिए आए थे जिससे यह दुर्घटना घटी। विसर्जन स्थल नहीं होने से यहां लाइफ गार्ड भी नहीं थे। 


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