इतिहास में हुई लीपापोती को अब मिटाया जा रहा है: योगी

ग्रेटर नोएडा

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा  में सम्राट मिहिर भोज  के वंशज होने का राजपूत और गुर्जरों के बीच बना गतिरोध लगातार जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान सीएम योगी ने दादरी विधानसभा की 12 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजा मिहिर भोज नौंवी सदी के एक महान धर्मरक्षक थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ा दिए थे। मैं उनको नमन करता हूं। जो कौम अपने इतिहास और परम्परा को विस्मृत कर देती है, वो अपने भूगोल की भी रक्षा नहीं कर पाती। इसके बाद अमरोहा पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ अमरोहा पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण कियासीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आप उस महान परम्परा के वारिस हैं, गर्व करिए। कौन ऐसा भारतीय है? जो पन्ना धाय के बलिदान को भुला सकता है। गर्व करिए उस परंपरा पर। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने आज़ादी के अमृत महोत्सव को शुरू करते हुए इस बात को कहा था कि जिन महान विभूतियों को हम भूल चुके हैं, उन्हें सम्मान दिलाना होगा। बलिदानियों का बलिदान किसी जाति, क्षेत्र विशेष के लिए नहीं था। ये भारत के स्वाभिमान के लिए था। महान बलिदानियों ने बलिदान देश के लिए दिया था। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछले कुछ समय में आप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुछ घटनाओं को देखा होगा। अभी काबुल में आपने देखा होगा कि कैसे तालिबानियों ने कब्जा कर लिया? लोग जान बचाकर भागे। क्या स्थिति रही होगी? ये अराजकता पैदा करने वाले तत्व गुलामी की सोच पैदा करते हैं, जो मुट्ठी भर के आक्रांता यहां आते थे और शासन करते थे। हम कुछ नहीं कर पाते थे। हमें उन बलिदानों को नहीं भूलना होगा।

उन्होंने कहा कि राजा माहिर भोज का इतिहास पढ़ने पर पता चलता है कि उनके शासन बाद डेढ़ सौ वर्षों तक कोई भी आक्रांता यहां आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सका. ये सुरक्षा का भाव राजा मिहिर भोज ने दिया था. राजा मिहिर भोज शिवभक्त थे. आप इतिहास को पढ़िए. पानीपत के युद्ध के बारे में पढ़िए. उस समय भारतीय सेना संगठित न होने के कारण विदेशी आक्रांता सेंध लगा जाते थे. सीएम योगी ने कहा, “4 साल पहले का समय पश्चिम उत्तर प्रदेश के लोग नहीं भूल सकते. यहां कांवड़ यात्रा नहीं निकाली दी जाती थी. दुर्गा पूजा नहीं मनाने दिया जाता था. 5 अगस्त 2020 के तिथि याद करिये कैसे भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है, जो भव्यता के साथ आगे बढ़ रहा है. हर भारतीय गर्वित महसूस करता है.”


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