सोलह साल बाद भी नहीं हटा मीठी नदी किनारे का अवैध निर्माण

मुंबई

मीठी नदी को चौड़ा और गहरा करने का काम 2005 में आए प्रलयकारी बाढ़ के बाद शुरू हुआ था। सोलह साल बीत जाने के बावजूद भी मीठी नदी के किनारे बने अवैध झोपड़े हटाने में मनपा को कामयाबी नहीं मिल पाई है। इस तरह का आरोप लगाते हुए मनपा भाजपा नेता भालचंद्र शिरसाट ने कहा कि मीठी नदी, जो मातोश्री के पास से गुजरती है, जब उसका विकास नहीं हो पाया तो मुंबई का विकास किस गति से हो रहा है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

बता दें कि 2005 में आई बाढ़ में सबसे बद्तर हालत मीठी नदी के किनारे बसे लोगों की हुई थी। उसी समय मीठी नदी का विकास करने के लिए एक अलग ब्रिमस्टोवैड के तहत विकास करने का निर्णय लिया गया था। पिछले सोलह सालों में हजारों करोड़ खर्च करने के बावजूद भी लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। मीठी नदी का काम पूरा नहीं होने से विलेपार्ले, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, माहिम, कुर्ला, धारावी और सायन में भी लोगो को परेशानिया झेलनी पड़ती है।भाजपा ने मीठी पर बसे अवैध झोपड़ों को हटाने के लिए मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल से तत्काल संयुक्त बैठक कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


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