बाढ़ के बाद अब कटाव का कहर

महानंदा नदी में समा रहे आशियानें

पूर्णिया

जिले के बायसी अनुमंडल में परमान, कनकई और महानंदा नदी में जलस्तर में उतार चढ़ाव के कारण इन दिनों भीषण कटाव हो रहा है। नदी के कटाव के कारण दर्जनों घर नदी में विलीन हो गये हैं। अमौर प्रखंड के खाता हाट से लेकर तियरपाड़ा, सादिकपुर, गेड़िया, पलसा, ताराबाड़ी, सुगबा महानंदपुर समेत कई गांवों में नदियों का भीषण कटाव हो रहा है। कई जगह लोग अपने ही बनाये कच्चे-पक्के मकानों को हथौड़े से तोड़ रहे हैं तो कहीं लोग खुले आसमान के नीचे खाना बना रहे हैं। हालात ये है कि कई गांवों में जाने के लिये एकमात्र उपाय नाव ही है। तियरपाड़ा निवासी मो. अख्तर, सलीम, सनोवर समेत दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि उनका घर से लेकर खेती की जमीन परमान नदी में कट गया है। नदी के कटाव के कारण वो लोग रात को भय से सो नहीं पाते हैं। कब उनका आशियाना नदी के लहर में समा जायेगा हमेशा यह भय लगा रहता है। सरकार की ओर से उन्हें अब तक न तो मुआवजा मिला है न ही कटाव रोकने के लिये कोई ठोस उपाय किया गया है, हालांकि कई जगह कटाव निरोधक काम किया गया है, लेकिन नदी के रौद्र रूप के सामने वह बौना साबित हो रहा है। लोगों के हालात का जायजा लेने पहुंचे अमौर के विधायक ने कहा कि अमौर और बायसी में भीषण कटाव हो रहा है। इस बाबत उसने एसडीओ, डीएम, आपदा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यहां लोग कराह रहे हैं, लेकिन यहां के कर्मचारी कटाव की सही सूचना तक विभाग को नहीं देते हैं। विधायक ने सरकार से मांग की है कि कटाव पीड़ितों को उचित मुआवजा मिलना चाहिये और जो लोग विस्थापित हो चुके हैं, उन्हें बसाने की व्यवस्था होनी चाहिये।


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