प्रवासियों को किराया देने का वादा केजरी पर पड़ा भारी

हाईकोर्ट ने पूछा- भुगतान करने का इरादा है या नहीं?


नई दिल्ली

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवासियों का किराया देने का वादा करना महंगा पड़ता दिख रहा है। हाईकोर्ट ने केजरीवाल की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील मनीष वशिष्ठ से पूछा कि आपका भुगतान करने का इरादा है कि नहीं? इस पर जवाब देते हुए वशिष्ठ ने कहा कि हम उस कंडीशन पर ही भुगतान कर सकते हैं, जब हमसे कोई इसकी मांग करे। अभी तक हमसे ऐसी कोई मांग नहीं की गई है। हालांकि, हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया था। इसके बाद याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील गौरव जैन ने कहा कि उनके क्लाइंट के पास किराए का भुगतान करने की व्यवस्था नहीं है। बता दें कि इस मामले में दिल्ली की सिंगल बेंच कोर्ट सरकार को किराया भुगतान करने का आदेश दे चुका है। हालांकि, बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने इस फैसले पर स्टे दे दिया था।

केजरीवाल ने क्या कहा था?

सीएम ने दिल्ली के सारे मकान मालिकों से अपील की थी कि वे किराएदारों को परेशान ना करें। किराया देने के लिए 2 से 3 महीने की मोहलत दे दें। कोरोनाकाल दूर होने के बाद अगर कोई किराएदार किराया नहीं देता है, तो वे दिल्ली का मुख्यमंत्री होने के नाते उसका किराया देंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) NEET PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा 2021 का सिलेबस अंतिम समय बदलने के मामले पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। सोमवार को कोर्ट ने कहा कि सत्ता के खेल में युवा डाॅक्टरों को फुटबाल नहीं समझना चाहिए। कोर्ट ने अगले सोमवार तक केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है, साथ ही इस संबंध अधिकारियों की एक बैठक बुलाने के भी निर्देश दिए हैं। 

छात्रों का दावा है कि सरकार ने NEET PG सुपर स्पेशियलिटी परीक्षा 2021 का सिलेबस परीक्षा के 2 महीने पहले बदल दिया था। इसके विरोध में 41 पीजी क्वालिफाइड डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। स्टूडेंट्स ने यह भी दावा किया है कि 2018 में पैटर्न सामान्य चिकित्सा से 40% और सुपर स्पेशियलिटी से 60% प्रश्न का था, जबकि इस बार अंतिम समय में बदलाव कर दिया गया। 


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