तालिबान को मान्यता देने को लेकर बेचैन चीन

बीजिंग

अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से तालिबान व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करने के लिए परेशान है। इस बीच चीन ने विदेश मंत्रियों की ग्रुप आफ 20 की बैठक में अफगानिस्तान पर प्रतिबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुए इस बैठक के दौरान कहा कि अफगानिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार राष्ट्रीय संपत्ति है और इसका इस्तेमाल अफगान लोगों द्वारा किया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि देश पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल सौदेबाजी के लिए नहीं किया जा सकता है। वांग यी ने कहा कि अफगानिस्तान की सहायता बढ़ाना आवश्यक है। ताकि समय पर सहायता प्रदान करके  अफगान लोगों की सभी जरूरतों को पूरा किया जा सके। वांग ने जी20 सदस्यों से अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति पर दबाव को कम करने में मदद करने के लिए सक्रिय रूप से व्यावहारिक उपाय करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अफगान लोगों को स्वतंत्र रूप से एक विकास पथ चुनने के लिए समर्थन दिया जाना चाहिए, जो उनकी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल हो। एक व्यापक और समावेशी राजनीतिक संरचना का गठन किया जाना चाहिए। आतंकवाद से मुकाबले के मुद्दे पर बोलते हुए, चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान को अपनी प्रतिबद्धताओं को ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। विभिन्न आतंकवादी ताकतों के खिलाफ एक स्पष्ट रेखा खींचनी चाहिए और उन पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि भारत ने इसे बैठक में कहा कि तालिबान अपना वादा निभाए कि अफगानिस्तान की जमीन से किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों को नहीं होने दिया जाएगा। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि अब समय आ गया है कि तालिबान आतंकवाद को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करे। 


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget