भारत में कम उम्र में क्यों हो रहा है हार्ट फेल?


ये लक्षण होते हैं खतरे की घंटी!

हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे यानी विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। ताकि लोगों को दिल की देखभाल के प्रति जागरुक किया जा सके। आपको बता दें कि भारत में हार्ट फेल होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह बीमारी लगातार गंभीर होती रहती है, जिसमें समय के साथ दिल की मांसपेशियां कठोर होने लगती हैं और दिल सही से ब्लड पंप नहीं कर पाता है। जिससे शरीर के कई मुख्य अंगों के लिए ऑक्सीजन और पोषण की मिलने वाली मात्रा सीमित हो जाती है।

युवाओं में हार्ट फेल के बढ़ते मामलों की वजह

डॉक्‍टर्स के मुताबिक International Congestive Heart Failure की स्टडी के मुताबिक भारत में हार्ट फेल का सामना करने वाले मरीजों की औसत उम्र 59 वर्ष है, जो कि पश्चिमी देशों के मुकाबले 10 साल कम है। वहीं, कम उम्र में ही भारतीय युवाओं में इस बीमारी के पीछे गतिहीन जीवनशैली, अत्यधिक तनाव और जंक फूड के सेवन के साथ प्रदूषण के संपर्क में आना मुख्य कारण है। इन्हीं कारणों से भारतीय युवा दिल की बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं।

हार्ट फेलियर लक्षण

डाक्‍टर के मुताबिक, हार्ट फेल के अधिकतर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद इस बीमारी के बारे में पता लगता है। जिसका साफ मतलब है कि हार्ट फेल होने के लक्षणों के बारे में देश में काफी कम जागरुकता है। अमेरिका की हार्ट फेलियर सोसाइटी ने FACES नामक एक टूल बनाया है। जो कि मरीजों और डॉक्टरों को एक नजर में जानलेवा हार्ट फेल के लक्षणों के बारे में संकेत दे सकता है। जैसे-

F= Fatigue = थकान

A= Activity Limitation = दैनिक काम करने में परेशानी

C= Congestion = सीने में जकड़न

E= Edema/Ankle Swelling = टखनों आदि में सूजन

S= Shortness of Breath = सांस चढ़ना

एक्सपर्ट के मुताबिक, ये लक्षण हार्ट फेलियर के मामले की पुष्टि तो नहीं करते हैं, लेकिन चिकित्सीय मदद की जरूरत के बारे में जरूर आगाह करते हैं।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए टीम्‍स

डॉक्‍टर के मुताबिक, अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए युवा इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

नमक का सेवन सीमित करें, जिससे हार्ट फेलियर के कारण शरीर में तरल पदार्थ जमा होने के खतरे को कम किया जा सके।

धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करें, क्योंकि दोनों ही चीज दिल को डैमेज करती हैं। इसके साथ ही शराब का सेवन हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को गंभीर बनाता है।

रोजाना उचित एक्सरसाइज करें, क्योंकि रोजाना 20-30 मिनट हल्की एक्सरसाइज करने से दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर आसानी से ब्लड पंप कर पाता है। इसके साथ ही एक्सरसाइज करने से शारीरिक वजन भी कंट्रोल मे रहता है। हालांकि, दिल के रोगियों को कोई भी एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

हेल्दी डाइट लें, जिससे दिल को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त हो सकें।

 वहीं, नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें।


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