पवार को पीएम न बनने का दर्द!

फड़नवीस ने कहाः सरकार में सभी मंत्री 'मुख्यमंत्री' 


मुंबई

केंद्र सरकार को बार-बार निशाना बनाने वाले राकांपा प्रमुख शरद पवार को पीएम न बनने का बहुत दर्द है, इसलिए वे केंद्र सरकार को निशाना बनाते हैं. गुरुवार को विपक्ष नेता देवेंद्र फड़नवीस ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि शरद पवार एक वरिष्ठ नेता है इसलिए उनके हर सवाल का जवाब देना मैं ठीक नहीं समझता लेकिन जिस प्रकार वे केंद्र सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे है इसलिए मुझे उसका जवाब देना पड़ रहा है। पवार पर तंज कसते हुए फड़नवीस ने कहा कि यह सच है कि हमें जीत के बावजूद सत्ता नहीं मिली फिर भी हमने हार नहीं मानी है। पिछले दो साल में विपक्ष के नेता के रूप में बाढ़ और तूफान प्रभावित इलाकों का दौरा करने से हमें मालूम पड़ गया है कि लोग सरकार के प्रति कितने गुस्से में हैं।

मित्र दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी भाजपा 

एक सवाल के जवाब में देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि राज्य में होने वाले मनपा सहित अन्य चुनाव में भाजपा कुछ मित्र दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। मनसे के साथ चल रही गठबंधन की चर्चा  पर फड़नवीस ने कहा कि मनसे के साथ गठबंधन पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है। मनसे नेता बाला नांदगांवकर अपने व्यक्तिगत काम से हमारे पास आए थे लेकिन उस दौरान उनके साथ गठबंधन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।

बुधवार को राज्य सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद के लिए घोषित 10 हजार करोड़ के आर्थिक पॅकेज पर विपक्ष नेता ने कहा कि इसके पहले सरकार ने जो आर्थिक पॅकेज की घोषणा की थी क्या वो किसानों तक पहुंचीं है। सरकार को पहले उस मदद की समीक्षा करनी चाहिए। सरकार पर तंज कसते हुए फड़नवीस ने कहा कि बुधवार को सरकार ने आर्थिक मदद की घोषणा की लेकिन राज्य के मदद पुनर्वसन मंत्री विजय वडेट्टीवार को इसकी जानकारी ही नहीं थी. इस सरकार में सभी मंत्री अपने आपको मुख्यमंत्री मानते हैं. इसलिए बिना सीएम के अनुमति के कोई भी बयान देते रहते हैं।

शिवसेना का बदल रहा है चेहरा 

दशहरा पर होने वाली शिवसेना की रैली में इस बार महाविकास आघाड़ी के नेता और मंत्री उपस्थित रहेंगे, की चर्चा पर फड़नवीस ने शिवसेना पर तंज कसते हुए कहा कि यह शिवसेना का बदलता हुआ स्वरूप है। शिवसेना की दशहरा रैली में महाविकास आघाड़ी के नेता मंच पर आएंगे, मुझे लगता है कि कांग्रेस और राकांपा के साथ जाने की शिवसेना की मजबूरी है। अपने आपको कट्टर हिंदुत्ववादी बताने वाली शिवसेना अब सेक्युलर होती जा रही है इसलिए दशहरा रैली में कांग्रेस और राकांपा के नेताओं को बुला रही है. 

नवाब मलिक उदास हैं

एनसीबी की कारवाई पर सवाल उठा रही राकांपा पर निशाना साधते हुए फड़नवीस ने कहा कि यह शरद पवार का राजनीतिक खेल है। इसमें अलग कुछ भी नहीं है। राकांपा प्रवक्ता लगातार क्यों जांच एजेंसी को निशाना बना रहे हैं, यह जनता को मालुम है. इसलिए नवाब मलिक उदास हैं और वे अपनी निराशा व्यक्त करने की कोशिश कर रहे हैं।


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