परियोजना प्रभावितों के लिए मनपा का 'डबल ऑप्शन'

घर के बदले घर या घर की कीमत लेने का पर्याय


मुंबई

मनपा की विकास योजनाओं में आड़े आने वाले घरों को तोड़ते समय घर मालिकों द्वारा अनेक शिकायतें की जाती है। कोई घर के बदले वहीं घर मांगता था तो कोई माहुल जाने से इंकार करता था। इन समस्याओं का तोड़ खोजते हुए मनपा ने परियोजना प्रभावितों के लिए डबल ऑप्शन पेश किया है। परियोजना प्रभावितों को घर नहीं देने अथवा नहीं लेने पर अब मनपा उस परिसर के रेडिरेकनर की दर पर पैसा देने का निर्णय लिया है। मनपा के इस निर्णय से मुंबई में विकास योजनाओं को तेजी से पूरा करने में आसानी होगी। मनपा घर और दुकान दोनों के बदले पैसे देगी।

गौरतलब कि मनपा की कई परियोजना इसलिए अटकी है कि लोगों को पर्यायी घर नहीं मिल पाया है, जिससे लोग घर नहीं छोड़ रहे हैं। मनपा ने लोगों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के लिए झोपड़ों,  चालियों एवं इमारतों के परियोजना में आने पर अभी तक पीएपी के  तहत घर एवं दुकान उपलब्ध कराया जाता रहा है। मनपा को इस समय लगभग 50 हजार पीएपी की जरूरत है। 

झोपड़ाधारकों को मिलेगा 30 लाख

मनपा झोपड़ाधारकों को घर के एवज में 300 वर्ग फुट घर की कीमत का पैसा देने का निर्णय लिया है। मनपा का कहना है कि परियोजना प्रभावित झोपड़पट्टी के लोगों को घर के बदले अधिक से अधिक 30 लाख रुपए दिया जाएगा। झोपड़पट्टी के घर और दुकान दोनों का दर मनपा ने समान रखा है। पुरानी चालों में रहने वाले लोगों को रेडिरेकनर की दर पर पैसा दिया जाएगा , लेकिन मात्र 200 वर्ग फुट तक। लोगों को उस परिसर के आधार पर रेडिरेकनर की दर से पैसा दिया जाएगा। लेकिन लोगों को अपने घर का कागजात 1964 के पूर्व का दिखाना होगा।

चालों एवं इमारतों की कीमत एक करोड़ से अधिक 

दक्षिण मुंबई के विभिन्न इलाकों में मनपा की परियोजनाओं में आने वाली पुरानी चालों( जिसमें कई जर्जर अवस्था की इमारतें हैं) में रहने वालों को रेडिरेकनर की दर से गिरगांव के लोगों को एक करोड़ एक लाख, वर्ली में रहने वालों को 86 लाख और दादर में रहने वालों को 72 लाख दिया जाएगा।


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