कश्‍मीर के दुश्‍मनों का खात्‍मा तय


नई दिल्ली

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन आतंकवाद पर परोक्ष रूप से करारा हमला बोला। शाह ने शनिवार को श्रीनगर में यूथ क्लब के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यकीन दिलाता हूं कि जम्मू-कश्मीर की शांति में जो भी खलल डालना चाहेगा उससे हम सख्ती से निपटेंगे। शाह ने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर में विकास की जो यात्रा शुरू हुई है, उसमें कोई भी रोढ़ा नहीं अटका पाएगा।  कश्मीर में युवाओं को मौका मिले इसलिए अच्छा डिलिमिटेशन भी होगा, डिलिमिटेशन के बाद चुनाव भी होगा और फिर से राज्य का दर्जा भी वापस मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि कश्मीर को भारत सरकार से मदद आती है, आनी भी चाहिए, बहुत सहा है कश्मीर ने। परन्तु एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब कश्मीर भारत के विकास के लिए योगदान करेगा। लेने वाला नहीं, भारत को देना वाला प्रदेश बनेगा।

आतंकवाद पर हमला

शाह ने कहा कि मौजूदा वक्‍त में जम्मू-कश्मीर में युवा विकास, रोजगार और पढ़ाई की बात कर रहा है। यह बहुत बड़ा बदलाव है। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि जम्मू-कश्मीर की शांति में जो भी खलल डालना चाहेगा उससे हम सख्ती से निपटा जाएगा। शाह ने कहा कि अब कोई कितनी भी ताकत लगा ले बदलाव की बयार को कोई नहीं रोक सकता है।

श्रीनगर-शारजाह अंतर्राष्ट्रीय उड़ान की शुरुआत 

जम्‍मू-कश्मीर के अपने दौरे के पहले दिन केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने शनिवार को श्रीनगर-शारजाह अंतर्राष्ट्रीय उड़ान का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि हम इसे आज से खोलने की घोषणा करते हैं। इससे पर्यटन को बढ़ावा देने और केंद्र शासित प्रदेश में अधिक निवेश लाने में मदद मिलेगी।

शाह ने अपने दौरे के पहले दिन श्रीनगर में सुरक्षा के मसले पर एक हाई लेवल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। शाह ने राजभवन में आयोजित बैठक में अल्पसंख्यकों और गैर-स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी ली। मालूम हो कि हाल के दिनों में आतंकियों की ओर से गैर कश्‍मीरी और हिंदू समुदाय के लोगों की लक्षित हत्याएं की गई हैं। बीते 15 दिनों में 11 नागरिक मारे जा चुके हैं।

विपक्ष को भी लिया निशाने पर

शाह ने अपने दौरे के पहले दिन विपक्ष को भी निशाने पर लिया। गृहमंत्री ने यूथ क्लब के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने 70 साल में जम्मू-कश्मीर को क्या दिया..? 87 विधायक, छह सांसद और तीन परिवार..।  प्रधानमंत्री मोदी ने पंचायत चुनावों में करीब 30 हजार चुने हुए प्रतिनिधि देने का काम किया है जो आज लोगों की सेवा कर रहे हैं।

घुसपैठ रोधी उपायों पर चर्चा

सुरक्षा पर हुई उच्‍च स्‍तरीय बैठक के दौरान सुरक्षा बलों की ओर से किए गए आतंकवाद रोधी और घुसपैठ रोधी उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, नागरिक, सैन्य, अर्धसैनिक बलों और केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

शहीद पुलिसकर्मी के परिजनों से मिले अमित शाह

इससे पहले श्रीनगर पहुंचने के बाद अमित शाह सीधे इस साल आतंकवादियों के हमले में शहीद एक पुलिस अधिकारी के परिजनों से मिलने पहुंचे। बाद में उन्होंने घाटी में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं। श्रीनगर हवाई अड्डे पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और सलाहकार फारुक खान ने शाह का स्वागत किया।

आतंकवादियों द्वारा नागरिकों की हत्याओं के बाद जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी सीएपीएफ की 50 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं। कश्‍मीर के घनी आबादी वाले शहरों में सुरक्षा के लिए इन जवानों की तैनाती हो रही है।


Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget