नवाब के वार पर मोहित का पलटवार

एनसीबी ने भाजपा नेता के साले सहित तीन को छोड़ा: मलिक । आरोप बेबुनियाद, 100 करोड़ की मान‍हानि का दावा करूंगा: मोहित


मुंबई 

क्रूज पार्टी पर हुई रेड को लेकर राजनीति बयानबाजी तेज हो गई है। एनसीबी को लगातार घेरने की कोशिश में लगे राकांपा के मुख्‍य प्रवक्‍ता और अल्‍पसंख्‍यक विभाग के मंत्री नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि क्रूज पर हुई ड्रग्‍स पार्टी में  1300 लोगों में से एनसीबी ने 11 लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन इनमें से 3 लोगों को छोड़ दिया गया। इनमें से एक भाजपा नेता मोहित भारतीय का साला ऋषभ सचदेवा है। उन्‍होंने पूरे मामले की जांच लिए आयोग बनाने की मांग की है। इस पर पलटवार करते हुए मोहित भारतीय ने सभी आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वे मलिक के खिलाफ 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा करेंगे। वहीं एनसीबी ने मलिक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

किसके आदेश पर तीन को छोड़ा गया?

यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मलिक ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें ऋषभ सचदेवा, प्रतीक गाभा और अमीर फर्नीचरवाला अपने रिश्‍तेदार के साथ एनबीसी कार्यालय से बाहर आते हुए दिख रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि क्रूज पर 1300 लोगों पर रेड मारी गई थी। रेड की कार्रवाई 12 घंटे तक चली। इसमें से 11 लोगों को हिरासत में लिया गया। इन सभी को एनसीबी कार्यालय लाया गया। मलिक ने आरोप लगाया कि इनमें से तीन लोगों को दिल्‍ली के नेताओं के आदेश मिलने के बाद छोड़ दिया गया। उन्‍होंने आरोप लगाया कि क्रूज पर छापेमारी एक फर्जीवाड़ा था। यह सेलिब्रिटी को बुलाकर उन्‍हें परेशानी में डालने का मामला है। ऐसे में एनसीबी के जोनल अधिकारी समीर वानखेडे को यह बताना चाहिए कि तीनों को क्‍यों छोड़ा गया और किसके कहने पर छोड़ा गया?  

निष्पक्ष जांच के लिए सीएम को लिखेंगे पत्र  

मलिक ने कहा कि ऋषभ सचदेवा जब बाहर निकले तो उनके साथ उनके पिता और चाचा थे। इन तीनों व्‍यक्तियों के रिश्‍तेदार एनसीबी कार्यालय कैसे पहुंचे, ऐसे में यदि पुलिस रिषभ सचदेवा के पिता, चाचा और जोनल अधिकारी समीर वानखेडे की कॉल डिटेल की जांच करती है तो सच्‍चाई सामने आ जाएगी। उन्‍होंने आरोप लगाया कि तीनों को केंद्र के भाजपा नेताओं के दबाव में छोड़ा गया है। अब यह साबित हो गया है कि एनसीबी की कार्रवाई में शुरु से ही भाजपा का संबंध है। यह सब अदालत में साबित हो जाएगा, लेकिन यह जनता की अदालत में सामने लाना जरूरी था, इसलिए यह प्रकरण सबसे सामने रखा गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर मेरी बातों को गलत बता रहे है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच के लिए आयोग बैठा देना चाहिए। उन्होने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वे मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखेगे, ताकि सच जनता के सामने आ सके।

मलिक ने दावा किया कि इस मामले के जरिए एनसीबी बॉलीवुड फिल्म अभिनेता शाहरुख खान तक पहुंचना चाहती है। क्योंकि यह पहले से कहा जा रहा है कि अब शहरुख खान की बारी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने एनसीबी द्वारा केपी गोसवी व भानुशाली को मामले में पंच विटनेस बनाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गोसावी पहले से धोखाधड़ी के मामले में फरार है। ऐसे में उससे मामले से जुड़े पंचनामे पर कैसे दस्तखत कराए जा सकते है। उन्होंने कहा कि मामले में आर्यन खान का बयान कम्प्यूटर पर टाइप किया गया है जबकि मनुमुन का बयान हाथ से लिखा गया है। आखिर यह कैसे हुआ है। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरु की है। पुलिस को घटना से जुड़े सारे वीडियो व फुटेज जांच के लिए देना चाहिए। जिससे सच्चाई को लोगों के सामने आ सके।

जांच का सामना करने के लिए तैयार: भारतीय  

मुंबई भाजपा के पूर्व महासचिव मोहित भारतीय ने इस मामले पर कहा कि मंत्री नवाब मलिक ने बिना किसी सबूत के आरोप लगाए हैं। ऐसे में वे उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा करेंगे। भारतीय ने कहा कि ऋषभ सचदेव मेरे साले हैं और उस दिन क्रूज पर जाने वाले सैकड़ों यात्रियों में शामिल थे। उसे भी पूछताछ के लिए एनसीबी दफ्तर लाया गया, लेकिन जांच-पड़ताल के बाद छोड़ दिया गया। ऋषभ सचदेव का आर्यन खान से कोई संबंध नहीं है। भारतीय ने कहा कि मलिक पहले से उनके खार खाए हुए हैं। कुछ साल पहले जुहू के एक बिल्डर से मलिक के परिवार के लोगों ने शिकायत वापस लेने के लिए 50 लाख रुपए की मांग की थी। इस मामले में मैंने हस्तक्षेप किया था और खुद मलिक से मुलाकात की थी। मोहित भारतीय ने कहा कि वे पहले मुंबई भाजपा के महासचिव थे, लेकिन अब पार्टी में सक्रिय नहीं हैं। हालांकि वे खुद को भाजपा समर्थक बताते हैं। उन्‍होंने कहा कि वे और उनका परिवार किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार है। एक सवाल के जवाब में मोहित ने कहा कि मेरे साले को एनसीबी ऑफिस ले जाने की जानकारी मिलने के बाद मेरे ससुर एनसीबी ऑफिस गए थे। ऐसे वक्त में परिवार का साथ खड़ा रहना स्वभाविक है। मेरे ससुर के कॉल रिकार्ड की भी जांच करा ली जाए।

सभी आरोप बेबुनियाद: एनसीबी

एनसीबी ने कहा कि क्रूज जहाज पर की गई छापेमारी और मादक पदार्थों की बरामदगी के सिलसिले में एजेंसी के खिलाफ लगाये गये सभी आरोप बेबुनियाद और पूरी तरह से प्रेरित हैं। एनसीबी निदेशक, मुंबई क्षेत्र, समीर वानखेड़े ने कहा कि एजेंसी पेशेवर तरीके से काम करती है। उन्होंने कहा कि हम कोई राजनीतिक दल या धर्म देखकर कार्रवाई नहीं करते हैं। हम पेशेवर तरीके से अपना काम करते हैं। वानखेड़े ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और जांच जारी है। 

वानखेडे से जब पत्रकारों से सवाल किया कि जिन छह लोगों को रिहा किया गया है, क्‍या उनमें उपमुख्‍यमंत्री के बेटे पार्थ पवार भी शामिल थे? तो उन्‍होंने कहा कि आपने जो नाम लिया है, उस पर इतना ही कहा जा सकता है कि प्रकरण की जांच जारी है, और नाम बताना उचित नहीं है।  


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