समीर वानखेड़े को पहला झटका!

मुंबई सेशंस कोर्ट ने याचिका की खारिज, हाईकोर्ट जाने का निर्देश


मुंबई

आर्यन खान ड्रग्स केस की जांच कर रहे समीर वानखेड़े की याचिका को मुंबई की अदालत ने ठुकरा दी है। यह याचिका NCB टीम और समीर वानखेड़े की ओर से गवाह प्रभाकर साइल के एफिडेविट के खिलाफ दाखिल गई थी। कोर्ट से अपील की गई थी कि वे प्रभाकर के एफिडेविट का संज्ञान ना ले और आर्यन खान ड्रग्स केस की जांच में कोई भी रुकावट डालने की कोशिश को रोके। स्पेशल जज वी.वी पाटील ने एनसीबी की इस याचिका को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि एनसीबी को जो भी कहना है, वो हाईकोर्ट में जाकर कहे। सत्र न्यायालय में यह मामला खत्म हो चुका है। जज वी.वी,पाटील ने कहा कि यह मामला अब हाईकोर्ट में है। इसलिए वे इस मामले पर कोई ऑर्डर नहीं दे सकते। अब इस मामले में एनसीबी हाईकोर्ट जाती है क्या? यह देखने वाली बात होगी।

NCB गवाह ने बताया जान का खतरा

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस के बाद चर्चाओं में आए मनीष भानुशाली ने कहा कि उसे जान का खतरा है, इसलिए वह छुप रहा है। उसने सरकार से अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है। उसने यह भी बताया कि रेड दौरान उसने सैम डिसूजा को देखा था, लेकिन वो उस छापेमारी का हिस्सा नहीं थे। क्रूज़ मामले में गवाह मनीष भानुशाली ने कहा कि वह क्रूज पर हुई छापेमारी से 3-4 दिन पहले  किरण गोसावी से मिला था। इसके बाद वे दोनों एनसीबी दफ्तर गए थे और उन्हें ड्रग्स के बारे में जानकारी दी थी। भानुशाली ने बताया कि रेड के दौरान उसने सैम डिसूजा को वहां देखा था, लेकिन वह रेड का हिस्सा नहीं थे। उसने बताया कि उसने पंचनामे पर गवाह के तौर पर दस्तखत किए थे। लेकिन उसे नहीं पता कि किरण गोसावी को कोरे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था या नहीं। मनीष ने एनसीबी के जोनल चीफ समीर वानखेड़े को एक अच्छा अफसर बताया है।

प्रभाकर साइल ने सौंपे सबूत

प्रभाकर की मांग के मुताबिक उसे पुलिस सुरक्षा दी गई है। प्रभाकर साइल के वकील के मुताबिक प्रभाकर ने इस मामले से जुड़े सारे सबूत क्राइम ब्रांच को सौंपे हैं।

गवाह को पुलिस सुरक्षा दी गई

गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने सोमवार को कहा कि पोत पर नशा मामले में स्वतंत्र गवाह प्रभाकर सैल को पुलिस सुरक्षा दी गई है, जिसने दावा किया कि एनसीबी के एक अधिकारी एवं अन्य लोगों ने अभिनेता शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को मामले में छोड़ने के लिए 25 करोड़ रुपए की मांग की थी। एक अधिकारी ने बताया कि सैल ने सुबह में मुंबई पुलिस आयुक्त के कार्यालय का दौरा किया और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भरांबे से मुलाकात की। बाद में उसने मुंबई के सहार थाने से संपर्क कर मांग की कि जब भी वह सहार गांव में अपनी पत्नी, बच्चों एवं सास से मिलने आए तो उसे सुरक्षा दी जाए।

मामला गंभीर है: जयंत पाटिल  

राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि एनसीबी और समीर  वानखेड़े का प्रकरण गंभीर है और इस मामले में उचित कदम उठाए जाएंगे। वे ठाणे में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर कर गिराने का पूरा प्रयास किया गया, इसके बावजूद सरकार नहीं गिरी, इसके बाद सरकार और मंत्रियों को बदनाम करने का प्रयास शुरू किया गया है। इसमें यह आर्यन खान प्रकरण भी शामिल है। 

वानखेड़े की सफाई: मेरे पिता हिंदू, मां मुस्लिम

नवाब मलिक के आरोपों और दस्तावेज सोशल मीडिया पर रिलीज करने को लेकर समीर वानखेड़े ने सफाई देते हुए कहा है कि मलिक ने ट्विटर पर कुछ दस्तावेज जारी कर लिखा है कि समीर दाऊद वानखेड़े का यहां से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा। मैं बताना चाहता हूं कि मेरे पिता ज्ञानदेव कचरूजी वानखेड़े राज्य आबकारी विभाग, पुणे में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पद से 30 जून 2007 को सेवानिवृत्त हुए थे। मेरे पिता हिंदू हैं,जबकि मेरी माता स्वर्गीय जाहिदा एक मुस्लिम थीं। मैं एक भारतीय परंपरा वाले संमिश्र, बहुधर्मीय और धर्मनिरपेक्ष परिवार से ताल्लुक रखता हूं, जिस पर मुझे अभिमान है। मैंने साल 2006 में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत डॉ शबाना कुरैशी से शादी की थी। हम दोनों आपसी सहमति से साल 2016 में अलग हो गए। साल 2017 में मैंने क्रांति रेडकर से विवाह किया। वानखेड़े ने लिखा है कि मेरे निजी दस्तावेज ट्वीटर पर प्रसारित करना मानहानिकारक और मेरी निजता में गैरजरूरी दखल है। यह मेरी और मेरे परिवार की छवि खराब करने की कोशिश हैं। मंत्री के कारण पिछले कुछ दिनों से लगातार मेरे परिवार और मुझ पर मानसिक और भावनात्मक दबाव है। मुझे बेहद दुख है कि मंत्री मुझ पर बिना किसी क्षेत्राधिकार के लगातार निशाना साध रहे हैं।


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