एसटी कर्मचारी ने लगाई फांसी


मुंबई

एसटी कर्मचारियों की आकस्मिक हड़ताल खत्म होने के दूसरे दिन अहमदनगर जिले के शेवगांव डिपो में एक एसटी कर्मचारी ने बस के पीछे की सीढ़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले कर्मचारी का नाम दिलीप हरिभाऊ काकडे हैं। उनकी उम्र 56 वर्ष थी। उनके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या की इस घटना से शेवगांव डिपो और एसटी महामंडल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।  

काकडे महाराष्ट्र एसटी वर्कर्स यूनियन के सदस्य भी थे। काकड़े ने आत्महत्या क्यों की? इस बारे में और कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बीते कुछ दिनों से दिलीप टेंशन में चल रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार कोरोना की वजह से आर्थिक स्थिति बिगड़ने से वे परेशान थे।

सरकार मामले की गंभीरता समझे: फड़नवीस

एसटी कर्मचारी की आत्महत्या पर विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने एक ट्वीट में कहा कि शुक्रवार को अहमदनगर में एसटी कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली। इसके पहले 28 कर्मचारी आत्महत्या कर चुके हैं। अनियमित वेतन की समस्या की वजह से कर्मचारियों की हालत बेहद खराब है और लगातार दर्दनाक खबरें आ रही हैं। राज्य सरकार को इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए और इनका समाधान करना चाहिए।  

कब जागेगी यह सरकार?: दरेकर

वहीं विधानपरिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि इस घटना को लेकर महाविकास आघाड़ी सरकार पर जोरदार टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक तरफ एसटी कर्मचारियों की दिवाली खुशहाल करने की बात कही जा रही है, दूसरी तरफ कर्मचारी आत्महत्या कर रहे हैं। अब सरकार जागेगी की नहीं? यदि एसटी कर्मचारी इसी तरह आत्महत्या करते रहे तो राज्य में हंगामा होगा और इसकी संपूर्ण जवाबदारी सरकार की होगी।


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