तीसरी लहर का खतरा खत्‍म!

कोई नया वेरिएंट नहीं


नई दिल्ली/बेंगलुरु

अक्टूबर-नवंबर महीने में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाएं अब धूमिल पड़ने लगी हैं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बीच के अंतर को ध्यान में रखते हुए कुछ वायरोलॉजिट्स ने आशंका जताई थी कि अक्टूबर-नवंबर महीने में तीसरी लहर आ सकती है, लेकिन अभी ऐसा होता नहीं दिख रहा है। इस बीच देश में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार में भी काफी तेजी आई है। सरकार ने दावा किया था कि दिसंबर महीने तक देश के सभी वयस्कों का वैक्सीनेशन पूरा कर दिया जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्य अक्टूबर तक की जिनोम सिक्वेंसिंग में कोई नया वेरिएंट नहीं मिला है। इस बीच संक्रमण और ब्रेकथ्रू संक्रमण के जो मामले आए हैं, वो काफी हल्के रहे हैं। ब्रेकथ्रू संक्रमण उसे कहते हैं जब किसी व्यक्ति को वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद भी संक्रमण हो जाता है। बेंगलुरु के हेल्थ कमिश्नर का कहना है कि बेहद सूक्षण ढंग से जिनोम सिक्वेंसिंग की जा रही है। कुल नए मामलों के करीब 10 फीसदी केस की रोज सिक्वेंसिंग की जाती है। किसी भी नए कोविड वेरिएंट के मिलने के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।

कोवैक्सीन को मंजूरी पर आनाकानी

भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध करने के लिए डब्‍ल्‍यूएचओ 26 अक्टूबर को एक विशेष बैठक करने वाला है। संगठन ने कहा कि हम कंपनी से कुछ और अतिरिक्त जानकारी की उम्मीद कर रहे हैं।


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