स्कूल खोलने के पक्ष में अभिभावक

महापौर से साझा किए विचार, उत्साह के साथ जताई चिंता  ।   डेढ़ साल बाद स्कूलों में शुरू होगी पढ़ाई   


मुंबई

सोमवार से स्कूल खोलने का लिए गए निर्णय पर महापौर किशोरी पेंडणेकर ने शुक्रवार को ऑनलाइन संवाद के माध्यम से अभिभावक की राय ली। महापौर के साथ अभिभावकों ने राज्य सरकार और मनपा प्रशासन के निर्णय को योग्य बताते हुए बच्चों को स्कूल में जाने पर होने वाली परेशानियों की चिंता जताई। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बस सुविधा देना, जिन बच्चों के स्कूल दूर हैं, उन्हें लोकल पास को लेकर चिंता जताई। इसी तरह स्कूल को सेनेटाइज करने से लेकर, साफ-सफाई तथा बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की।

बता दें कि सोमवार से मुंबई में 8वीं से 10वीं तक के स्कूल खोलने की अनुमति मनपा प्रशासन ने दी है। महापौर ने अभिभावकों की राय लेने के बाद उन्हें आश्वस्त किया कि बच्चों को स्कूल भेजना कोई जबरदस्ती नहीं है। बच्चों को स्कूल भेजने के पूर्व अभिभावकों की अनुमति होना अनिवार्य किया गया है। अनुमति के बाद ही बच्चों को स्कूल में लिया जाएगा। मनपा ने एक दिन छोड़कर बच्चों को स्कूल भेजने का आदेश दिया है। क्योंकि बच्चों का डेढ़ साल से स्कूल जाने की आदत छूट गई है। बच्चों में पहले स्कूल जाने की आदत डालनी है। सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे इसके लिए एक बेंच पर एक ही बच्चे को बैठने दिया जाएगा। मनपा के स्कूलों को सेनेटाइज तो किया ही जाएगा, साथ ही प्राइवेट स्कूल में भी यही नियम लागू होगा। रोजाना बच्चों का टेम्परेचर जांचा जाएगा। मनपा के सभी स्कूल को पास के स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाएगा, ताकि आपातकाल में बच्चों को तत्काल उपचार मिल सके।


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