मुंबई में डेंगू, चिकनगुनिया और लेप्टो का खतरा बढ़ा

अगस्त में डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस से 3-3 मौत


मुंबई

प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था के चलते मुंबई में कोरोना काबू में आता दिखाई दे रहा है. लेकिन मानसूनी बीमारियों का जोर अभी भी बना हुआ है। सितंबर में मलेरिया के मरीजों की संख्या अगस्त के मुकाबले 800 से घटकर 500 हो गई, लेकिन डेंगू के मरीजों की संख्या 144 से बढ़कर 198 हो गई। लेप्टोस्पायरोसिस के मरीजों की संख्या 37 से घटकर 32 रह गई है। चिकनगुनिया के भी 5 मामले सामने आए हैं। जिसके चलते मुंबईकरों को सावधान रहने की जरूरत है। इस बीच अगस्त माह में डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस से तीन मरीजों की मौत हो जाने की जानकारी मनपा ने दी है। मुंबई में हर साल बारिश के साथ-साथ मानसूनी बीमारी मनपा की चुनौती बढ़ाती है। मनपा प्रशासन ने अस्पतालों में अब गैर-कोविड बीमारियों का इलाज शुरू कर दिया है। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि मानसूनी बीमारी अभी भी नियंत्रण में नहीं है। खासकर जब सितंबर में चिकनगुनिया के पांच मामले सामने आये है। मनपा के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भारी बारिश के कारण मानसूनी बीमारी भी बढ़ गई है। इस तरह की बीमारियों से निपटने और इनको नियंत्रित करने में मनपा सक्षम है।


Labels:

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget