नई शिक्षा नीति में यूपी की भूमिका अहम : प्रधान

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के योगदान को जमकर सराहा है। लखनऊ के योजना भवन में शनिवार को उत्तर प्रदेश के बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा करने के बाद मंत्री प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका को अग्रणी बताया है।

योजना भवन में मीडिया से धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेधावी छात्र-छात्राओं के नाम पर गौरव पथ बनाने का काम बेहद प्रेरणादायक है। यह काम शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक भी करेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश में में मेधावियों के नाम पर गौरव पथ बनाए जाने की प्रशंसा की और इसे पूरे देश में लागू करने की जरूरत बताई। उन्होंने यूपी में एनसीसी में गर्ल्स स्टूडेंट की बड़ी सहभागिता, एनसीईआरटी की सस्ती किताबें उपलब्ध कराना और फीस रेगुलेशन एक्ट लागू करने की भी सराहना की। स्कूली शिक्षा को लेकर योगी की सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। यहां के छात्रों को मिलने वाली किताबों को सहज बनाने के लिए यूपी सरकार और एनसीईआरटी ने मिलकर काफी सस्ते दर पर किताबें उपलब्ध करवाई हैं। उनके साथ इस बैठक में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद तथा बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संतीश चंद्र द्विवेदी भी थे। धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि आज हमने उत्तर प्रदेश के सभी पांच शिक्षा विभागों की समीक्षा की है। देश में करीब एक वर्ष पहले नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई। सबसे प्रसन्नता की बात उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सही मायने में क्रियान्वयन किया। यहां पर देश की आबादी के करीब 15 से 18 प्रतिशत विद्यार्थी हैं। इनकी संख्या भी करीब पांच करोड़ की है। यहां पर तो लगातार शिक्षा के स्तर में सुधार हो रहा है। उत्तर प्रदेश से ही देश में गुड गवर्नेंस और सुशासन होगा।


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