हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति का खुलासा!

'पैंडोरा पेपर्स' के मामलों की होगी जांच


नई दिल्ली

खोजी पत्रकारों की एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने कुछ ऐसी रिपोर्ट्स जारी की हैं, जिनके मुताबिक दुनिया की कई जानी-मानी हस्तियों ने विदेश में निवेश किए तो हैं, लेकिन उनकी पूरी जानकारी सरकारी एजेंसियों को नहीं दी है। जारी संस्था की रिपोर्ट्स में पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी, क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर, पॉप सिंगर शकीरा और पॉलिटिशियन टोनी ब्लेयर सहित सैकड़ों दिग्गजों के नाम शामिल हैं।

'पैंडोरा पेपर्स' में लाखों करोड़ डॉलर की संपत्तियों का जिक्र

इंटरनेशनल कंसॉर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की रिपोर्ट्स को 'पैंडोरा पेपर्स' का नाम दिया जा रहा है, क्योंकि इनमें समाज के कुलीन वर्ग के लोगों के अलावा भ्रष्टाचारियों के कथित रूप से विदेश में चोरी-छुपे किए गए सौदों का जिक्र है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन लोगों ने किन तरीकों से विदेश में लाखों करोड़ डॉलर की संपत्तियां छुपा कर रखी हैं।

इसी संस्था ने पांच साल पहले लीक किए थे 'पनामा पेपर्स'

गौरतलब है कि संस्था से जुड़े 117 देशों के 150 से ज्यादा मीडिया आउटलेट के लगभग 600 पत्रकारों ने 1.19 करोड़ रिकॉर्ड्स जुटाए हैं। इसी संस्था की तरफ से पांच साल पहले 'पनामा पेपर्स' लीक किए गए थे। उनमें बताया गया था कि कैसे समाज की नामचीन हस्तियों ने कथित तौर पर सरकारी एजेंसियों की नजरों से दूर विदेश में संपत्तियां जुटाई थीं। 

दुनियाभर के रिपोर्ट्स और मीडिया ऑर्गेनाइजेशन की वॉशिंगटन स्थित संस्था ICIJ की रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास भारत सहित 91 देशों के लगभग 35 मौजूदा और पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, 330 से ज्यादा राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों की फाइलें हैं। 

तेंदुलकर ने वकील ने कहा निवेश कानूनी रूप से वैध

तेंदुलकर के वकील ने कहा है कि फॉर्मर क्रिकेटर का निवेश कानूनी रूप से वैध है और उसके बारे में टैक्स अधिकारियों को जानकारी है। शकीरा के वकील ने कहा है कि पॉप सिंगर अपनी कंपनियों से टैक्स एडवांटेज नहीं ले रही हैं और उन्होंने उनसे जुड़ी जरूरी जानकारी सरकार को दी हुई है।

पैंडोरा पेपर्स में पांच भारतीय राजनेताओं के नाम आए हैं, लेकिन उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। हालांकि जिन दिग्गजों के नाम जाहिर किए गए हैं, उनमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी शामिल हैं। इन्होंने कथित तौर पर संपत्तियां छिपाने और टैक्स बचाने के मकसद से विदेश में कंपनियां और ट्रस्ट बनाए हैं।

पैंडोरा पेपर्स मामले में भारत सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। सीबीडीटी चेयरमैन की अध्यक्षता में विभिन्न जांच एजेंसियों का समूह इस पूरे मामले की जांच करेगा। इस पूरे प्रकरण में भारत की कई बड़ी हस्तियां सवालों के घेरे में है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किये गये बयान में कहा गया है कि सरकार ने इस पूरे मसले को अपने संज्ञान में लिया है। संबंधित एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच करेंगी और कानून के हिसाब मामले में कार्रवाई की जाएगी।


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