आरओ की गलती से भाजपा नगरसेवक की सदस्यता पर प्रश्नचिह्न

मुंबई

फरवरी 2017 में हुए मनपा चुनाव के दौरान चुनाव अधिकारी (आरओ) की गलतियों का भुगतान अब भाजपा नगरसेवक प्रभाकर शिंदे को भुगतना पड़ रहा है। लघुवाद न्यायालय ने मुलुंड के वार्ड क्रमांक 106 की चुनावी प्रक्रिया को ही रद्द ठहरा दिया है, जिससे इस वार्ड से निर्वाचित प्रभाकर शिंदे की सदस्यता रद्द होने का खतरा मंडराने लगा है। लघुवाद न्यायालय ने शिंदे को एक माह का समय दिया है। एक माह के भीतर शिंदे को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। फरवरी 2017 में हुए मनपा चुनाव में वार्ड क्रमांक 106 के उम्मीदवार के फार्म पर आरओ ने हस्ताक्षर नहीं किया था। आरओ द्वारा उम्मीदवार के फार्म पर हस्ताक्षर नहीं करने पर विजयी उम्मीदवार की सदस्यता  रद्द करने की किसी अन्य उम्मीदवार ने कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाया था, बल्कि एक अन्य ने मुंबई लघुवाद न्यायालय में आरओ का फार्म पर हस्ताक्षर नहीं होने पर चुनावी प्रक्रिया रद्द करने की मांग की थी। न्यायालय ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए वार्ड क्रमांक 106 के चुनावी प्रक्रिया रद्द करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सदस्यता रद्द हुए नगरसेवक को चार हफ्ते की मोहलत दी है कि यदि वह चाहें तो आगे कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। भाजपा नगरसेवक प्रभाकर शिंदे ने मनपा मुख्यालय में कहा कि आरओ की गलती से उनका कोई लेना देना नहीं है। आरओ ने हस्ताक्षर नहीं किया तो इसमें हमारा क्या कसूर है। उन्होंने कहा कि हम अगले सप्ताह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और लघुवाद न्यायालय के आदेशों को चुनौती देंगे।



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