विधायकों की विकास निधि हुई चार करोड़

एमएलए-एमएलसी को दशहरा गिफ्ट


मुंबई

अब प्रत्येक विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास के काम करने के लिए हर साल चार करोड़ रुपए की रकम मिलेगी। राज्य के वित्त मंत्री अजित पवार ने विधायक विकास निधि में एक करोड़ की बड़ी राशि की बढ़ोतरी की है।

विधानसभा में वित्त मंत्री अजित पवार ने स्थानीय विकास निधि को दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ करते वक्त कहा था कि भविष्य में इसे और बढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री ने अपने आश्वासन को पूरा करते हुए विकास निधि में एक करोड़ की भारी वृद्धि की है। ऐसे में अब विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य के लिए अब चार करोड़ रुपए की निधि मिलेगी। अजित पवार के इस निर्णय से सत्ता पक्ष और विपक्षी विधायकों में आनंद का वातावरण है और उन्हें दशहरे की पूर्व संध्या पर बड़ा तोहफा मिला है।

पिछले डेढ़ साल से देश सहित राज्य कोरोना संकट का सामना कर रहा है। कोरोना संकट के समय केंद्र सरकार ने सांसदों की विकास निधि को फ्रीज कर दिया है। ऐसे में स्थानीय विकास के कार्यों के लिए सांसदों को कोई निधि उपलब्ध नहीं है। वहीं उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सदन में राज्य के विधायकों की स्थानीय विकास निधि को दो करोड़ रुपए से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपए करने की घोषणा की थी और भविष्य में स्थानीय विकास निधि को बढ़ाने का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन को पूरा करते हुए विधायकों की विकास निधि को बढ़ाया गया है। इससे सामान्य जनता के विकास के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विधानसभा के 288 और विधानपरिषद के 62 सदस्यों को मिलाकर कुल 350 विधायकों को 350 करोड़ रुपए की अतिरिक्त निधि उपलब्ध होगी। इस तरह राज्य के सभी विधायकों को मिलाकर अब हर साल कुल 1400 करोड़ रुपए की रकम स्थानीय विकास के लिए मिलेगी। राज्य के इतिहास में विधायकों की स्थानीय विकास निधि में यह अब तक सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विधायकों को कोरोना रोकथाम के उपायों के लिए विधायकों के स्थानीय विकास निधि से एक-एक करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति भी दी थी।


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