मुंबई के किलों का होगा विकास

मुंबई

राज्य के सांस्कृतिक मंत्री अमित देशमुख ने मुंबई  में छह किल्लो के संरक्षण के लिए संयुक्त विकास योजना तैयार करने का  निर्देश दिया है,मंगलवार को इस संबंध आयोजित अधिकारियो की बैठक में देशमुख ने कहा कि शिवड़ी, वर्ली, बांद्रा, धारावी, सेंट जॉर्ज और माहिम स्थित सभी  छहों किल्लो के विकास योजना तुरंत तैयार की जाए। साथ ही राज्य के और 18 संरक्षित किल्लो  के संरक्षण पर तत्काल रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के सभी छह किलों की विकास योजना संयुक्त रूप से तैयार की जानी चाहिए। साथ ही, अगले आठ दिनों में तीन अलग-अलग विकास योजनाएं प्रस्तुत की जानी चाहिए, अर्थात् राज्य में कुल समुद्री किलों के लिए विकास योजना और राज्य द्वारा संरक्षित कुल 60 किलों के लिए विकास योजना. लातूर जिले में औसा और उदगीर किलों के संरक्षण कार्य के लिए 5 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है और आगे की कार्रवाई तुरंत की जानी चाहिए।

राज्य में कुल 60 किल्ले संरक्षित हैं

महाराष्ट्र में कुल 60 किल्लो  को  संरक्षित  किल्लो  के रूप में घोषित किया गया है। पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय द्वारा इन किल्लो  की  मरम्मत एवं संरक्षण किया जा रहा है। हालांकि, इन किलों के संरक्षण के लिए वित्तीय संस्थानों से ऋण प्रदान करने के लिए एक वित्तीय विशेषज्ञ की नियुक्ति कैसे की जा सकती है? इसकी संभावना की जांच होनी चाहिए। इन विशेषज्ञ सलाहकारों द्वारा दी गई रिपोर्ट को तब सरकार को प्रस्तुत किया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि किल्ले  महाराष्ट्र का आभूषण हैं। यह एक ऐतिहासिक और गौरवशाली स्थान है। इसे पोषित करना हमारी जिम्मेदारी है।


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