महिलाओं में स्तन कैंसर: जागरूकता और परिचर्चा

डी.एस. रिसर्च सेंटर और 'हमारा महानगर' का संयुक्त प्रयास  


मुंबई

महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर को लेकर पवई के हीरानंदानी गार्डेंस स्थित ओमेगा हॉउस में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. कैंसर के रोकथाम और जागरूकता लाने के लिए काम करने वाले डी.एस. रिसर्च सेंटर और हिंदी दैनिक 'हमारा महानगर' के संयुक्त संयोजन में विशेषज्ञ महिला डॉक्टरों ने बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं को स्तन कैंसर के बारे में जानकारी दी। अक्टूबर महीना स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में समर्पित है। अधिकांश महीने विभिन्न प्रकार के कैंसर के लिए समर्पित होते हैं, लेकिन स्तन कैंसर एक ऐसा प्रकार है जिसे दुनिया भर में मनाया जाता है।

अध्ययन कहता है कि समाज में कैंसर जैसी घातक बीमारी के बारे में जानकारी की कमी है। लोग किसी भी प्रकार के कैंसर के बारे में जानने के लिए उत्सुक भी नहीं रहते हैं। कैंसर के बारे में जागरूकता और शिक्षा आज एक आवश्यकता बन गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए महिलाओं के बीच स्तन कैंसर के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया गया। डी.एस. रिसर्च सेंटर की प्रभारी प्रेरणा निकम ने महत्वपूर्ण जानकारी पेश किया। डॉ. मेघा चाफेकर ने स्तन कैंसर के रोकथाम, उपायों, जोखिम कारकों, मिथकों और स्तन कैंसर के बारे में तथ्यों को समझाया। महिलाओं को स्वयं स्तन परीक्षण के बारे में हैंडआउट्स दिए गए ताकि वे इसके माध्यम से जान सकें। आहार विशेषज्ञ ज्योति राव ने उपस्थित महिलाओं को स्वस्थ जीवन में आहार की भूमिका के बारे में समझाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हमारा महानगर की निदेशिका गीता सिंह ने कोविड-19 महामारी में अग्रिम पंक्ति में काम करने के लिए डी.एस. रिसर्च सेंटर को सम्मानित किया। प्रो. शिव शंकर त्रिवेदी और डॉ. उमा शंकर तिवारी द्वारा 1965 में स्थापित डी.एस. रिसर्च सेंटर एक प्रमुख कैंसर अनुसंधान केंद्र है, जहां पोषक ऊर्जा विज्ञान पर आधारित प्राचीन आयुर्वेद के माध्यम से कैंसर का इलाज किया जाता हैं। वर्तमान में डी.एस. रिसर्च सेंटर बेंगलुरु, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और वाराणसी में कार्यरत है।


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