धार्मिक स्थल खुले, नेताओं ने टेका मत्था

मुंबा देवी के दर्शन करने सपरिवार पहुंचे मुख्यमंत्री  ।   सिद्धिविनायक मंदिर में डिप्टी सीएम ने की प्रार्थना 


मुंबई

महाराष्ट्र में कोरोना की वजह से तकरीबन डेढ़ साल से बंद सभी धार्मिक स्थलों के द्वार गुरुवार को खुल गए. शारदीय नवरात्रि पर मंदिरों के पट पहले दिन घट स्थापना के साथ खुल गए। हालांकि कोरोना नियमों की वजह से प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सपरिवार मुंबा देवी के दर्शन करने पहुंचे। वहीं उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सिद्धिविनायक मंदिर जाकर भगवान गणेश के दर्शन किए।

माता के दरबार में आधा घंटे रहे ठाकरे  

नवरात्रि के पहले दिन धार्मिक स्थलों के खुलने के साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे सुबह मुंबा देवी के मंदिर गए और देवी के दर्शन किए। मुंबई में सुबह से ही मंदिरों और मस्जिदों में मास्क लगाए सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु देखे गए। ठाकरे परिवार ने भी मास्क लगा कर और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मुंबा देवी मंदिर में लगभग आधे घंटे बिताए। मुख्यमंत्री के साथ मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर भी मौजूद रहीं। दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री ने लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर प्रार्थना स्थल पर स्वास्थ्य नियमों का पालन करना सभी का दायित्व है। ठाकरे ने कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस जनित महामारी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए मुंबा देवी से प्रार्थना की। फूल बेचने वालों और अन्य विक्रेताओं ने धार्मिक स्थलों के फिर से खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की थी जिसके अनुसार, प्रसाद वितरण, पवित्र जल के छिड़काव, प्रतिमा को स्पर्श करने आदि की मनाही है।


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