बंगाल में दुर्गा पूजा के बाद कोरोना ने डराया

फिर बनाए जा रहे कंटेनमेंट जोन, लगा रात का कर्फ्यू


कोलकाता

त्योहारी सीजन के बाद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से कोविड-19 के मामलों की संख्या बढ़ने लगी है। राज्य प्रशासन ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई क्षेत्रों को फिर से कंटेनमेंट जोन बनाना शुरू कर दिया है। कोलकाता, जलपाईगुड़ी और हुगली के बाद हावड़ा, उत्तर 24 परगना में भी कोरोना के दैनिक मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। दुर्गा पूजा के महज दस दिन बाद ही कोरोना के दैनिक आंकड़े डरावने हैं। पश्चिम बंगाल में शनिवार को कोरोना के 974 नए मामले थे, रविवार को ये आंकड़ा बढ़कर 989 हो गया। हालांकि थोड़ा राहत के साथ सोमवार को कोरोना के 805 नए मामले सामने आए। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक,  जुलाई माह के बाद प्रदेश में कोरोना के इतने ज्यादा मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिविटी रेट में भी बढ़ोत्तरी हुई है। जहां 24 सितंबर को पॉजिटिविटी दर 1.7% थी, वहीं 10 अक्टूबर में 2.1% हो गई। रविवार को यह आंकड़ा 2.3% हो गया। कोरोना के बढ़ते मामलों के पीछे प्रदेश में हालिया संपन्न हुई दुर्गा पूजा है। भले ही दुर्गा पूजा 11 अक्टूबर से शुरू हुई, लेकिन उत्सव की तैयारी और खरीददारी के लोग पहले से ही बाजार में भीड़ बढ़ाने लगे थे। अब राज्य सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों से सबक लेते हुए कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन बनाने का फैसला लिया है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू हटा दिया गया था, जिसे अब फिर से प्रभावी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर 24 परगना में पहले ही 56 कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा चुके हैं। हावड़ा में ऐसे 14 जोन बनाए गए हैं। जलपाईगुड़ी और हुगली में ऐसे क्षेत्रों की संख्या क्रमशः नौ और 72 है। 

रविवार को कोलकाता में कोरोना के 273 नए मामले दर्ज किए गए।  राज्य के अन्य जिलों में कोविड -19 के सबसे अधिक मामले उत्तर 24 परगना में 146 मामले दर्ज किए गए। हावड़ा ने 83 मामले दर्ज किए। दक्षिण 24 परगना में 74 मामले दर्ज किए गए और हुगली में 89 मामले दर्ज किए गए।राज्य में एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स के महासचिव डॉ मानस गुमटा ने कहा, ''पूजा के दिनों में पंडालों के बाहर भारी भीड़ हुई थी। उस दौरान कोलकाता और इसके बाहरी इलाके के लोग हजारों की संख्या में बाजारों में खरीददारी के लिए जमा हुए थे।'' विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि दुर्गा पूजा के बाद कम से कम दो सप्ताह तक कोरोना वायरस के प्रसार की जांच करने और संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। बता दें कि कोरोना की पहली लहर के दौरान पश्चिम बंगाल में पिछले साल 22 अक्टूबर को कोरोना के रिकॉर्ड 4157 नए मामले दर्ज किए हए थे। हालांकि उस वक्त दुर्गा पूजा 22 अक्टूबर को ही शुरू हुई थी। लेकिन कोरोना का सबसे भयावह रूप इस साल विधानसभा चुनाव के बाद देखा गया। पश्चिम बंगाल में उस वक्त दैनिक मामलों की संख्या 20 हजार पार कर गई थी।


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