'गुलाब' ने किसानों की तोड़ी कमर

मोतिहारी

पूर्वी चम्पारण जिले के किसानों की फसल को गुलाब नामक चक्रवाती तूफान के कारण तेज हवा के साथ तीन दिनों तक हुई बारिश ने बर्बाद कर दिया। जिले के कई प्रखंडों के किसान एक साल में आयी चार पांच बार बाढ़ के कारण पहले से ही बर्बाद हो चुके है। वहीं जिन प्रखंडों में बाढ़ नहीं आयी थी। उन प्रखंडों मे चक्रवाती तूफान ने कहर बरपाया है। यूं तो हथिया नक्षत्र के बारिश का इंतजार किसान हर साल करते है। क्योंकि इसके पानी से धान के फसल के साथ अगामी रब्बी की खेती बढ़िया होने का अनुमान होता है। लेकिन इस साल गुलाब साइक्लोन के कहर ने किसानों के इस अनुमान पर पानी फेर दिया। महंगे खाद बीज व कीटनाशक डालने के बाद धान के फसल में फूल और फल आने शुरू ही हुआ कि सारे फसल को जमींदोज कर पानी में डुबो कर रख दिया है। कृषि विभाग के अनुसार इस साईक्लोन के कारण महज तीन दिनों मे 112.2 मिमी. वर्षा दर्ज की गयी है। 

जिले में इस साल दो लाख 28 हजार 112 हेक्टेयर भूमि मे खेती की गयी जिसमे एक लाख 82 हजार हेक्टेयर में धान, 11 हजार 920 हेक्टेयर में मक्का, चार हजार 692 हेक्टेयर में दलहन, चार हजार 500 हेक्टेयर में सब्जी व लगभग 25 हजार हेक्टेयर में गन्ना की खेती की गयी थी। जिसमें लगभग आधे खेती को बाढ़ ने तो बचे खुचे को गुलाब साइक्लोन ने तबाह किया है। किसानों ने बताया कि कुछ धान तो पककर तैयार थे, वहीं मक्का भी कट रहा था। जो बारिश के कारण बर्बाद हो गये है। सब्जी उत्पादक किसानों ने बताया कि इस महीने में खेतों मे जमा हुए पानी के कारण गोभी, बैगन टमाटर के साथ अन्य सब्जी के पौधे जो अभी लगे ही थे, वो डुबकर पीला पड़ने लगा है।


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