शिकायतकर्ता गायब, केस शुरू

 मुंबई के पूर्व कमिश्नर पर सीएम ने साधा निशाना । औरंगाबाद बेंच की नइ इमारत का उद्घाटन


मुंबई

बंबई उच्‍च न्‍यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ की विस्तारित इमारत के उद्घाटन अवसर मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज हमारे पास एक ऐसा मामला है, जहां शिकायतकर्ता लापता है, लेकिन केस जारी है। मुख्‍यमंत्री का इशारा मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की तरफ था, लेकिन उन्होंने उनका लेने से परहेज किया।  

मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान बताया कि महाराष्ट्र में 1958 से एक मामला लंबित है, क्योंकि आरोपी फरार है। लेकिन आज हमारे पास एक ऐसा मामला है, जहां शिकायतकर्ता लापता है। मुख्‍यमंत्री का इशारा मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त की तरफ था। ठाकरे ने  कहा कि उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की, लेकिन अब गायब हैं। हमें नहीं पता कि वह कहां हैं। इस पर भी गौर करने की जरूरत है। मुख्‍यमंत्री ने भले ही किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन बयान स्‍पष्‍ट रूप से मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की तरफ था। परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अभी हाल ही में बंबई हाईकोर्ट में एक याचिका की सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि पूर्व पुलिस आयुक्‍त के ठिकाने का पता नहीं है। पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद, परमबीर सिंह ने इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि देशमुख पुलिस अधिकारियों से मुंबई में रेस्तरां और बार से पैसे लेने के लिए कहते थे।

मुंबई में बनेगा नया हाईकोर्ट परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब एक परियोजना शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें मुंबई में एक नया उच्च न्यायालय परिसर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण को उस समारोह में आने के लिए अपना निमंत्रण देना चाहूंगा, जब भी ऐसा होगा। मैं यह सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा कि नए भवन परिसर का शिलान्यास और उसका उद्घाटन दोनों मेरी सरकार द्वारा किया जाए। 

न्यायिक प्रक्रिया को गतिशील बनाना जरूरी: चीफ जस्टिस

उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा कि देश में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक गतिशील और जनोन्मुखी बनाना समय की मांग है और पर्याप्त जनशक्ति के साथ आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराकर न्यायपालिका को मजबूत करना अनिवार्य है। उन्‍होंने यह बात कार्यक्रम में कही।  

कार्यक्रम में केंद्रीय विधि और न्‍यायमंत्री केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उदय ललित, जस्टिस धनंजय चंद्रचूड़, जस्टिस भूषण गवई, जस्टिस अभय ओक, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड, बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता, न्यायमूर्ति एए सैयद, न्यायमूर्ति एसएस शिंदे, न्यायमूर्ति एसवी गंगापुरवाला, राज्य सरकार के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह, अजय तलहारी और अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।


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