महाराष्ट्र पर बिजली कटौती का संकट नहीं

ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राऊत ने दिलाया भरोसा  ।  पीक डिमांड में 20 रुपए प्रति यूनिट से खरीदी बिजली 


मुंबई

महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री डॉ. नितीन राऊत ने कहा कि फिलहाल कोयले की कमी से राज्य में बिजली उत्पादन कम हुआ है, इसके बावजूद राज्य में कहीं भी लोडशेडिंग नहीं की जाएगी। वे यहां मंत्रालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बिजली की भारी मांग वाले समय (पीक डिमांड) में 20 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदकर ग्राहकों को सप्लाई की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 हजार से 3500 मेगावॉट बिजली की कमी है। यह स्थिति नवंबर माह तक बने रहने की संभावना है।

तीन हजार मेगावॉट बिजली की कमी  

राज्य में महानिर्मिती की बिजली उत्पादन क्षमता 13 हजार 189 मेगावॉट है। इसके अलावा अन्य निजी बिजली कंपनियों से बिजली की खरीदी की जाती है। कोयले की किल्लत की वजह से चार और मरम्मत-देखभाल की वजह से तीन यानी कुल 7 यूनिट बंद हैं। राज्य में  3 हजार से 3500 मेगावॉट बिजली की कमी है। डॉ. नितीन राऊत ने कहा कि बारिश के मौसम में आमतौर पर जून से सितंबर माह तक बिजली की मांग कम होती है, लेकिन अगस्त माह में बिजली की मांग बेहद बढ़ गई। मांग पूरी करने के लिए 18 लाख मीट्रिक टन कोयले के स्टॉक का उपयोग किया गया।

कोल इंडिया से नहीं मिला पर्याप्त कोयला  

उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से ओपन कास्ट माइन से कोयले का उत्पादन बंद हो गया। साथ ही कोयले की आपूर्ति करने वाली कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की रोजाना क्षमता 40 लाख मीट्रिक टन है, लेकिन बारिश की वजह से यह आपूर्ति 22 लाख मीट्रिक टन से नीचे आ गई। ऐसे में कोल इंडिया से कोयले की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही जो कोयला मिला रहा है, वह उचित दर्जे का नहीं है। इसके अलावा गैस से बिजली बनाने वाली कंपनी को करार के अनुसार गैस की आपूर्ति नहीं की गई और सिर्फ 30 फीसदी गैस की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही जिन कंपनियों के लिए लंबे समय के लिए करार किया गया, ऐसी सीजीपीएल और जेएस डब्लू कंपनियों ने बिजली की आपूर्ति बंद कर दी।

बिजली की बचत करने का आव्हान

ऊर्जा मंत्री ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली की कमी को देखते हुए सुबह और शाम के समय 6 से 10 बजे तक घरों में बिजली उपकरणों का कम से कम उपयोग कर बिजली की बचत कर महावितरण को सहयोग प्रदान करें।

गुजरात-गोवा में सरप्लस पॉवर कैसे?

डॉ. नितीन राऊत ने सवाल उठाया कि भाजपा शासित राज्य गुजरात और गोवा में सरप्लस बिजली कैसे उपलब्ध है? जबकि महाराष्ट्र को कोयला नहीं मिल रहा है।

निजी बिजली कंपनियों को नोटिस

बिजली मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार निजी बिजली आपूर्ति कंपनी सीजीपीएल और जेएस डल्बू को नोटिस भेजेगी। इन कंपनियों के साथ लंबे समय के लिए बिजली खरीदी का करार किया है, लेकिन संकट के समय इन कंपनियों ने बिजली की आपूर्ति नहीं की और बाजार में बिजली बेची। उन्होंने कहा कि इस बारे में महाराष्ट्र राज्य विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) से अपील की जाएगी। कोयल की आपूर्ति के लिए डॉ. राऊत ने केंद्रीय कोयल मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र भी लिखा और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने कोयला संकट के दौरान बिजली की खरीद के लिए 250 करोड़ रुपए खर्च किए है। पीक डिमांड के वक्त 20 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदी गई।  


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