मनोरंजन टैक्स बढ़ाने की सुगबुगाहट


मुंबई

सिनेमाघरों, थिएटरों और सभागृहों में होने वाले कार्यक्रमों पर  मनोरंजन टैक्स वृद्धि की तलवार लटक रही है। मनपा ने 2015 में मनोरंजन टैक्स बढ़ने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था।  लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। राज्य सरकार द्वारा अनुमति मिलते ही टैक्स में बढ़ोत्तरी होना निश्चित है। टैक्स वृद्धि का भार मराठी और गुजराती फिल्मों और नाटकों पर लागू नहीं होगा। 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव पर निर्णय लेने वाली है। प्रस्ताव पर राज्य सरकार हरी झंडी दिखाती है तो मनोरंजन टैक्स बढ़ना निश्चित है। मनपा प्रशासन ने प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया है कि राज्य सरकार से टैक्स बढ़ाने की मंजूरी मिलने के बाद टैक्स वृद्धि 2015 के बाद बकाया के साथ वसूल की जाएगी।

प्रत्येक क्षेत्र के लिए और प्रस्तावित टैक्स दर (रुपए में)

  • वातानुकूलित सिनेमा गृह 60 से बढ़ाकर 66
  • साधारण सिनेमा 45 से बढ़ाकर 50
  • नाटक, जलसा, मनोरंजन कार्यक्रम 25 से बढ़ाकर 28
  • सर्कस, आनंद मेला (प्रति दिन) 50 से बढ़ाकर 55
  • अन्य मनोरंजन कार्यक्रम 30 से बढ़कर 33


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