वानखेड़े पर पुलिस करेगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री , गृहमंत्री से मिले नवाब मलिक । मामले की एसआईटी से जांच की मांग  ।  उद्धव ठाकरे लिखेंगे पीएम मोदी को पत्र


मुंबई 

एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े पर वसूली और फर्जी कागजातों के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप लगाने के मामले की एसआईटी से जांच की मांग को लेकर मंगलवार शाम को राकांपा प्रवक्ता और अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री नवाब मलिक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मलिक ने कहा कि बॉलीवुड के खिलाफ एनसीबी की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। इसके पहले सोमवार को मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के बीच इस मामले पर चर्चा भी हुई थी।

मलिक ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात कर कहा कि समीर वानखेड़े मामले गंभीर हैं और इसकी एसआईटी से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि वसूली मामले में केस दाखिल किया जाएगा। हम किसी विशेष व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि यह कानून के साथ खिलवाड़ का मामला है। पंच प्रभाकर साइल के आरोप बेहद गंभीर हैं। मलिक ने कहा कि ड्रग्स केस में बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश हो रती है। बॉलीवुड बदनाम होगा तो देश बदनाम होगा। अभी तक 25 अभिनेता-अभिनेत्रियों को बुलाकर उनका मीडिया ट्रायल किया जा चुका है। मलिक ने कहा कि एनसीबी की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री नरेंद्र को पत्र लिखेंगे।  

वानखेड़े के खिलाफ फोड़ा लेटर बम

इसके पहले मलिक ने समीर वानखेड़े के खिलाफ लेटर बम फोड़ते हुए उन पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वानखेड़े की विभिन्न गैरकानूनी गतिविधियों के बारे में एक एनसीबी अधिकारी के द्वारा लिखे पत्र को वे एजेंसी के डीजी एसएन प्रधान को भेज रहे हैं। इस अधिकारी ने अपना नाम का खुलासा नहीं करने की अपील की है। मंत्री ने कहा कि एनसीबी को पत्र में लिखे 26 आरोपों की जांच करनी चाहिए, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मादक पदार्थ रोधी एजेंसी के भीतर वसूली का गिरोह चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वानखेड़े पर गैरकानूनी रूप से फोन टेप करने का आरोप लगाया। वे मुंबई और ठाणे के दो लोगों के जरिए कुछ लोगों के मोबाइल फोन पर गैरकानूनी तरीके से नजर रख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मालदीव की उनकी हाल की यात्रा में एक हजार करोड़ रुपए की वसूली की गई। मलिक ने कहा कि उन्होंने पत्र की एक प्रति मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राज्य के गृह विभाग और महाराष्ट्र में राकांपा और शिवसेना के सहयोगी दल कांग्रेस के मौजूदा तथा पूर्व प्रमुखों को भी भेजी है। मलिक ने सोमवार को दावा किया था कि समीर वानखेड़े जन्म से एक मुसलमान हैं और उनका असली नाम समीर दाऊद वानखेड़े है। मलिक ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा कि मेरे पास सभी विश्वसनीय दस्तावेज हैं जो यह साबित करते हैं कि समीर वानखेड़े का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ लेकिन उन्होंने अपनी जाली पहचान बनाई और अनुसूचित जाति वर्ग के तहत नौकरी पायी। कानून के अनुसार, इस्लाम धर्म अपनाने वाले दलितों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता, अत: समीर वानखेड़े ने अनुसूचित जाति के एक योग्य व्यक्ति के नौकरी के अवसर को छीन लिया।

अधिकारी का जाति-धर्म निकालना दुर्भाग्यपूर्ण

पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस ने राकांपा मंत्री नवाब मलिक की आलोचना करते हुए कहा कि कोई अधिकारी जांच करता है, ऐसे में उसकी जाति-धर्म निकालकर उसके आधार पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिरी में समीर वानखेड़े की पत्नी को इसका खुलासा करना पड़ा। वानखेड़े ने भी अपने प्रमाणपत्र के बारे में खुलासा किया है, ऐसे में किसी विशेष उद्देश्य के लिए आरोप लगाना उचित नहीं है।


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