भारत में आएगी मनी ट्रांसफर क्रांति


नई दिल्ली

विक्रेताओं को सक्षम करने के लिए भारत के अग्रणी प्लेटफॉर्म एको (Eko) ने महत्वाकांक्षी विक्रेताओं के लिए ‘फर्स्ट टाइम क्रेडिट’ मॉड्यूल बनाकर लैंडिंग एकोसिस्टम में प्रवेश किया है। भारत में मनी ट्रांसफर में क्रांति लाने की यात्रा के रूप में जो शुरू हुआ था, वह तेजी से देशभर में लाखों माइक्रो और छोटे आकार के व्यवसायों को सशक्त बनाने के लिए आगे बढ़ रहा है, जिससे उनके डिजिटल फुटप्रिंट को बेहतर कल की ओर बढ़ाया जा सके। लचीली रीपेमेंट सुविधा के साथ लगभग 1 बिलियन डॉलर के लोन दे चुकी कंपनी एमएसएमई को सस्ती पूंजी और एआई-सपोर्टेड सेवाएं प्रदान करना चाहती है, जिससे छोटे कारोबार अपने संचालन में डिजिटल बदलाव ला सकें। एको उन प्रोडक्ट्स को जोड़ना चाहता है जो डेली ड्राडाउन और डेली रीपेमेंट के साथ एक लाइन ऑफ क्रेडिट बनाते हैं। कंपनी छोटे और मध्यम व्यवसायों के ओवरऑल संचालन को बढ़ावा देने, क्रेडिट के फ्लो को बढ़ाने और लैंडिंग बिजनेस के आइडिया को पूरा करने की कल्पना करती है। एको के सह-संस्थापक श्री अभिषेक सिन्हा ने कहा, “विश्व बैंक के एक अध्ययन का अनुमान है कि भारत में छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए $380 बिलियन का फंंडिंग गैप है। देश के विकास में उनकी भूमिका को देखते हुए एमएसएमई को उनकी वास्तविक क्षमता हासिल करने में सशक्त बनाने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है। टॉप टेक्नोलॉजी और मजबूत बुनियादी ढांचे का लाभ उठाकर हमारा लक्ष्य छोटे व्यवसायों के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म बनना है जो क्रेडिट की दुनिया में उनका स्वागत करेंगे। इससे उन्हें अपने संचालन को डिजिटल रूप से चलाने और अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने की अनुमति मिलती है।


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